टीआरपी डेस्क। टाटा ग्रुप की एयरलाइन विस्तारा आज अपनी आखिरी उड़ान भरेगी। मंगलवार, 12 नवंबर, 2024 को इसका टाटा ग्रुप की एयर इंडिया में मर्जर पूरा हो जाएगा। इस मर्जर के बाद एयर इंडिया देश की इकलौती फुल-सर्विस कैरियर एयरलाइन रह जाएगी। पिछले 17 सालों में फुल-सर्विस कैरियर एयरलाइंस की संख्या 5 से घटकर अब केवल 1 रह गई है। मर्जर के बाद एयर इंडिया का डोमेस्टिक और इंटरनेशनल रूट्स पर प्रभाव और बढ़ जाएगा।

एयर इंडिया और विस्तारा का मर्जर क्यों हुआ?

एयर इंडिया देश की पहली एयरलाइन थी, जिसकी स्थापना 1932 में जेआरडी टाटा ने की थी। उस समय इसका नाम टाटा एयरलाइंस था। आजादी के बाद इसका राष्ट्रीयकरण हो गया और इसे एयर इंडिया नाम मिला। टाटा ग्रुप ने अपनी खुद की एयरलाइन न होने की कमी को 2013 में विस्तारा शुरू करके पूरा किया।

सरकार द्वारा एयर इंडिया के निजीकरण का फैसला किए जाने पर टाटा ग्रुप ने इसे खरीदा, भावनात्मक लगाव के कारण। लेकिन दो एयरलाइन का संचालन चुनौतीपूर्ण था, जिसके चलते टाटा ग्रुप ने 2022 में विस्तारा को एयर इंडिया में मर्ज करने का फैसला किया। आज से यह मर्जर प्रभावी हो गया है।

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विस्तारा के ऑपरेशन का भविष्य

अब 12 नवंबर से विस्तारा की सभी उड़ानें एयर इंडिया द्वारा संचालित की जाएंगी। टिकट बुकिंग भी एयर इंडिया की वेबसाइट से की जाएगी। विस्तारा के 2.7 लाख ग्राहकों के टिकट एयर इंडिया को ट्रांसफर किए गए हैं, और लॉयल्टी मेंबर्स का प्रोग्राम महाराजा क्लब में बदल जाएगा। एयर इंडिया अब फुल-सर्विस और लो-कॉस्ट दोनों तरह की पैसेंजर सेवाओं का संचालन करेगी। इंटरनेशनल रूट्स पर उसकी हिस्सेदारी 50% से अधिक हो जाएगी।

साथ ही, यह इंडिगो के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी डोमेस्टिक एयरलाइन होगी। मर्जर के बाद सिंगापुर एयरलाइंस की एयर इंडिया में 25.1% हिस्सेदारी होगी, जो पहले विस्तारा में टाटा ग्रुप की साझेदार थी। मर्जर से एयर इंडिया के बेड़े में विमानों की संख्या 144 से बढ़कर 214 हो जाएगी। टाटा ग्रुप की लो-कॉस्ट कैरियर एयर इंडिया एक्सप्रेस के पास भी 90 विमान हैं, और एयर इंडिया ने 470 विमानों का ऑर्डर भी दे रखा है।

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विस्तारा ने कैसे बदला एविएशन इंडस्ट्री का चेहरा?

  • विस्तारा एविएशन इंडस्ट्री में कई बदलाव लाई। यह एशिया की पहली एयरलाइन थी, जो फ्लाइट में स्टारबक्स कॉफी ऑफर करती थी।
  • विस्तारा फ्लीट में एयरबस ए321 एलआर जोड़ने वाली और विमानों की सफाई रोबोट्स से करने वाली भी देश की पहली एयरलाइन थी।
  • इसने इंटरनेशनल फ्लाइट में वाई-फाई इंटरनेट कनेक्टिविटी शुरू की। यह लॉयल्टी मेंबर्स को फ्री Wi-Fi देने वाली पहली एयरलाइन थी।
  • विस्तारा ने 9 जनवरी 2015 से अपना ऑपरेशन शुरू किया। इसने सिर्फ सात महीने में ही 5 लाख से ज्यादा ग्राहकों हवाई यात्रा करा दी।
  • विस्तारा ने अपने पूरे ऑपरेशन के दौरान 6.5 करोड़ यात्रियों को उड़ान सेवाएं दी। इसने करीब 12 देशों के लिए सीधी उड़ान भरी थी।
  • फिलहाल यात्रियों को विस्तारा का अनुभव एयरक्राफ्ट, प्रोडक्ट और सर्विसेज के साथ मिलता रहेगा। इसमें फ्लाइट मेनू, कटलरी आदि हैं।
  • अभी विस्तारा का लोगो भी नहीं बदलेगा। ट्रैवल इंश्योरेंस, सीट, पर्पल गिफ्ट कार्ड, फ्लाइंग रिटर्न प्रोग्राम, एक्स्ट्रा लगेज स्पेस जैसी सुविधाएं रहेंगी।
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9 जनवरी 2015 को शुरू हुई विस्तारा ने केवल सात महीने में 5 लाख से ज्यादा यात्रियों को हवाई यात्रा कराई। अपने पूरे ऑपरेशन के दौरान विस्तारा ने 6.5 करोड़ यात्रियों को सेवा दी और करीब 12 देशों के लिए सीधी उड़ानें शुरू कीं। यात्रियों को विस्तारा का अनुभव एयरक्राफ्ट, प्रोडक्ट्स और सर्विसेज के साथ मिलता रहेगा, जिसमें फ्लाइट मेनू, कटलरी आदि शामिल हैं।

फिलहाल विस्तारा का लोगो भी नहीं बदलेगा, और यात्रियों को ट्रैवल इंश्योरेंस, सीट, पर्पल गिफ्ट कार्ड, फ्लाइंग रिटर्न प्रोग्राम और एक्स्ट्रा लगेज स्पेस जैसी सुविधाएं मिलती रहेंगी।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।