रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्नातक की पढ़ाई कर रहे कालेज के छ़ात्रों को सिलेबस के अनुसार अपनी पढ़ाई पूरी करनी होगी। दरअसल यूजीसी के निर्देश के बाद छत्तीसगढ़ में स्नातक की पढ़ाई कर रहे छात्रों के सिलेबस (UGC Syllabus Reduction ) से 40 प्रतिशत की कटौती करने के यूजीसी के निर्देश अभी तक राज्य तक नहीं पहुंचे हैं।

ऐसे हालात में उच्च शिक्षा विभाग की परेशानी बढ़ गई है। विभाग ये तय नहीं कर पा रहा है कि छात्रों को तय सिलेबस के मुता​बिक पढ़ाई कराई जाए या यूजीसी के निर्देश का इंतजार किया जाए। जब तक यूजीसी से निर्देश नहीं मिलेगा। इस मामले में अब कॉलेजों से भी कहा गया है कि वे पूरे सिलेबस को ध्यान में रखकर छात्रों को पढ़ाएं।

UGC Syllabus में होगी 30 से 40 फीसदी की कटौती

बता दें कि कोरोना संक्रमण की वजह से विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में क्लासरूम टीचिंग बंद है। ऑनलाइन कक्षाएं भी इस महीने शुरू हुई हैं। जबकि कालेज में जुलाई से कक्षाएं शुरू हो जाती थीं। पढ़ाई में देर होने को लेकर उच्च शिक्षा से यह तय किया गया कि इस बार सिलेबस में 30 से 40 फीसदी की कटौती होगी।

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इसके लिए उच्च शिक्षा से विषय विशेषज्ञों की कमेटी बनायी गई। सिलेबस में कटौती भी कर ली गई। इस बीच समितियों के बीच से यह बातें भी सामने आयी कि ग्रेजुएशन व पीजी में सिलेबस कटौती को लेकर यूजीसी से कोई निर्देश जारी नहीं हुआ है। इसके निर्देश के बिना कटौती होने से परेशानी आ सकती है।

ग्रेजुएशन की डिग्रियों को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं। इसलिए उच्च शिक्षा की ओर से पाठ्यक्रम में कटौती कर नया सिलेबस जारी नहीं किया गया है। अफसरों का कहना है कि इस संबंध में यूनिवर्सिटी व कॉलेजों को सूचित किया जा चुका है, उनसे कहा गया है कि छात्रों की पढ़ाई पूरे पाठ्यक्रम के अनुसार करायी जाए।

यूजी व पीजी में करीब 5 लाख छात्र हैं प्रदेश में

बता दें कि छत्तीसगढ़ में कुल 8 राजकीय विवि हैं। जिनमें से 252 सरकारी कॉलेज, 226 प्राइवेट कॉलेज हैं। प्रदेश में करीब 5 लाख छात्र हैं यूजी व पीजी में पढ़ाई कर रहे हैं। इन छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

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हालांकि कॉलेजों में फर्स्ट ईयर के लिए ऑनलाइन कक्षाएं शुरू हो गई हैं। लेकिन इसमें छात्रों की दिलचस्पी कम है। ऑनलाइन कक्षाओं को लेकर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं जारी किया गया है। कॉलेज अपनी सुविधानुसार कक्षाएं आयोजित कर रहे हैं।

कई कॉलेज में अभी भी कटौती के साथ नए सिलेबस का इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि कॉलेज व विश्वविद्यालयों में अगले महीने से क्लास रूम टीचिंग शुरू हो सकती है।

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