CBSE Board 2021: प्राइवेट स्टूडेंट्स के लिए परीक्षा की तारीख जारी, फिजिकल एग्जामिनेशन में होना होगा शामिल

CBSE Board 2021: प्राइवेट स्टूडेंट्स के लिए परीक्षा की तारीख जारी, फिजिकल एग्जामिनेशन में होना होगा शामिल
CBSE Board 2021: प्राइवेट स्टूडेंट्स के लिए परीक्षा की तारीख जारी, फिजिकल एग्जामिनेशन में होना होगा शामिल

एजुकेशन डेस्क। सीबीएसई ने प्राइवेट स्टूडेंट्स के लिए परीक्षाओं की तारीखों की घोषणा कर दी है। बोर्ड की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक 10वीं और 12वीं के प्राइवेट स्टूडेंट्स के लिए परीक्षाओं का आयोजन 16 अगस्त से 15 सितंबर 2021 तक किया जाएगा।

ऐसे कैंडिडेट्स जिन्होंने प्राइवेट कैटेगरी के तहत परीक्षा फॉर्म भरे थे, उन्हें सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनिवार्य की गई नीति के मुताबिक फिजिकल एग्जामिनेशन में शामिल होना होगा।

बोर्ड द्वारा अधिसूचना नोटिस को ऐसे समझें

नियमित छात्र :

जो सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में पढ़ रहे हैं और पहली बार 10वीं या 12वीं कक्षा की परीक्षा दे रहे हैं।
नियमित छात्रों के मामले में, स्कूलों के पास वर्तमान वर्ष के दौरान स्कूलों द्वारा किए गए मूल्यांकन का रिकॉर्ड है।
इसलिए  उनका परिणाम सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुमोदित मूल्यांकन नीति के आधार पर घोषित किया जाना है।
नियमित छात्रों के मामले में, स्कूलों ने एक यूनिट टेस्ट, मिड-टर्म और प्री-बोर्ड परीक्षा आयोजित की है और इनके आधार पर छात्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन होगा।

प्राइवेट छात्र :

जो पहले सीबीएसई में नियमित छात्र थे और पहले या दूसरे प्रयास में उत्तीर्ण नहीं हो पाए या सुधार के लिए या अतिरिक्त विषय में बैठना चाहते हैं।
इसके अलावा, कुछ उम्मीदवार दिल्ली के प्राइवेट उम्मीदवार हैं, जिन्हें पत्राचार और महिला उम्मीदवारों की तरह सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं में बैठने की अनुमति है।
दरअसल, प्राइवेट छात्रों का स्कूलों और सीबीएसई के पास पुराना रिकॉर्ड नहीं हैं, इसलिए, वर्तमान मूल्यांकन नीति के आधार पर उनका परिणाम तैयार नहीं किया जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट से मिली थी अनुमति

सुप्रीम कोर्ट ने CBSE बोर्ड द्वारा 10वीं और 12वीं के प्राइवेट स्टूडेंटस के लिए रेग्युलर, क्लासरूम आधारित परीक्षा आयोजित करने का फैसले एक सम्बन्धित मामले की सुनवाई दौरान सुनाया था। सुनवाई के दौरान सीबीएसई ने बेंच के सामने नोट प्रस्तुत किया था कि प्राइवेट स्टूडेंट्स का रिजल्ट रेग्युलर स्टूडेंट के लिए तय किए वैकल्पिक मूल्यांकन नीति के आधार पर जारी नहीं किया जा सकता हैं।

बोर्ड ने बताया कि ऐसे स्टूडेंट्स के लिए “न तो स्कूल और न ही सीबीएसई के पास कोई पिछला असेसमेंट रिकॉर्ड है”। मामले में सुनवाई करते हुए, शीर्ष अदालत ने महामारी की स्थिति में सुधार के बाद बोर्ड को कोरोना गाइडलाइंस के साथ इन स्टूडेंट्स के लिए फिजिकल एग्जाम आयोजित करने की अनुमति दी थी।

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