रायपुर/अलीगढ़। छत्तीसगढ़ की बेसहारा बेटियों को पढ़ाई और आर्थिक मदद का झांसा देकर यूपी के अलीगढ़ में बेचने वाले मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। टप्पल थाना और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की संयुक्त कार्रवाई में ‘लीडर चाची समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गिरोह के चंगुल से 3 नाबालिग बच्चियों को रेस्क्यू कर सुरक्षित किया है।

अलीगढ़ के एसपी देहात मनीष कुमार मिश्र ने बताया कि 7 अगस्त को पीआरवी से सूचना मिली थी कि टप्पल क्षेत्र के मौर गांव में एक बच्ची को बेचा गया है। इसके बाद सीओ खैर अभिषेक कुमार पटेल के नेतृत्व में ऑपरेशन स्माइल के तहत टीम गठित की गई।

जांच में पता चला कि प्रयागराज के सराय इनायत थाना क्षेत्र की बबीता उर्फ ‘चाची’ पत्नी रामबाली यादव, छत्तीसगढ़ की आर्थिक रूप से कमजोर बच्चियों को निशाना बनाती थी। वो उन्हें पढ़ाई-लिखाई, नौकरी और आर्थिक सहायता का लालच देकर अपने प्रभाव में लेती थी। 

पुलिस के मुताबिक के सुखाराम उर्फ सूखा उर्फ महावीर फौजदार इन बच्चियों को खरीदकर अलीगढ़ और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में मोटी रकम लेकर बेच देता था। एक नाबालिग की कीमत 70 हजार से 1 लाख रुपए तक तय की जाती थी।

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नाबालिगों को ही क्यों बनाते थे निशाना?

एसपी मनीष मिश्रा के मुताबिक, गिरोह जानबूझकर नाबालिग बच्चियों को निशाना बनाता था। आरोपियों को लगता था कि कम उम्र में उन्हें अपने प्रभाव में लेना और ब्रेनवॉश करना आसान होगा। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि बरामद बच्चियों के अलावा गिरोह ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।

गिरोह में राजस्थान का सुखाराम उर्फ सुखा भी शामिल था। पुलिस के अनुसार वह फर्जी पहचान के आधार पर रह रहा था। 

‘लीडर चाची’ समेत 5 गिरफ्तार, 3 बच्चियां रेस्क्यू

पूछताछ और जांच में मानव तस्करी के नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस ने इस मामले में थाना गौंडा क्षेत्र में रहने वाले सुखाराम उर्फ सूखा उर्फ महावीर फौजदारा, बबीता उर्फ चाची, बबलू, ओमपाल सिंह और विनोद को टप्पल थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर तीन बच्चियों को रेस्क्यू कर सुरक्षित किया गया।

ये हैं गिरफ्तार आरोपी: 

1. बबीता उर्फ चाची – गिरोह की मास्टरमाइंड, ‘लीडर चाची’

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2. सुखाराम उर्फ सूखा उर्फ महावीर फौजदार – बच्चियों को खरीदकर आगे बेचता था

3. बबलू

4. ओमपाल सिंह

5. विनोद

एसपी ने बताया कि सुखाराम बच्चियों को खरीदकर अलीगढ़ और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में मोटी रकम लेकर बेच देता था। पुलिस ने इनके कब्जे से 3 बच्चियों को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति को सौंपा है।

किन धाराओं में केस दर्ज

आरोपियों पर टप्पल थाने में मुकदमा अपराध संख्या 466/2026 दर्ज किया गया है। उन पर BNS की धारा 143, 64, 65(1), पॉक्सो एक्ट 3/4(2) और बाल विवाह निषेध अधिनियम की धारा 9 के तहत कार्रवाई की गई है।

राजस्थान-छत्तीसगढ़ से उत्तराखंड तक नेटवर्क

पुलिस जांच में गिरोह के तार राजस्थान, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड तक जुड़े मिले हैं। पुलिस की सर्विलांस टीम आरोपियों के मोबाइल डेटा और संपर्कों की जांच कर रही है। इससे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और अब तक की गई बच्चियों की खरीद-फरोख्त का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

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पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े छत्तीसगढ़ और यूपी के अन्य लिंक की भी जांच कर रही है।

FAQ: मानव तस्करी उजागर

सवाल: गिरोह छत्तीसगढ़ की बच्चियों को कैसे फंसाता था?

गिरोह की ‘लीडर चाची’ बेसहारा और गरीब बच्चियों को पढ़ाई, नौकरी और आर्थिक मदद का झांसा देकर अलीगढ़ ले जाती थी।

सवाल: पुलिस ने कितने लोगों को गिरफ्तार किया?

टप्पल पुलिस ने ‘लीडर चाची’ बबीता समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 3 खरीददार भी शामिल हैं।

सवाल: कितनी बच्चियों को रेस्क्यू किया गया?

पुलिस ने गिरोह के कब्जे से 3 नाबालिग बच्चियों को रेस्क्यू कर सुरक्षित किया है।

सवाल: आरोपियों पर कौन सी धाराएं लगी हैं?

BNS, पॉक्सो एक्ट और बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

सवाल: गिरोह बच्चियों को बेचकर क्या करता था?

आरोपी सुखाराम बच्चियों को खरीदकर अलीगढ़ और आसपास के इलाकों में मोटी रकम लेकर बेच देता था।