टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड की विदाई के बीच अब मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
फरवरी के महीने में हो रही यह बेमौसम बारिश फसलों, खासकर दलहन और तिलहन के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। वहीं, तापमान में उतार-चढ़ाव से मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बस्तर संभाग में बादलों का असर सबसे ज्यादा दिखने की संभावना है।
लो प्रेशर और ट्रफ लाइन का डबल अटैक
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने सिस्टम के कारण समुद्र से नमी वाली हवाएं छत्तीसगढ़ पहुंच रही हैं। एक ट्रफ लाइन (नमी की पट्टी) तमिलनाडु से लेकर महाराष्ट्र तक फैली हुई है, जो समुद्र की नमी को अंदरूनी इलाकों तक धकेल रही है। ऊपरी वायुमंडल में ठंडी हवाओं की हलचल और नीचे से आ रही नमी के मिलन से वातावरण अस्थिर हो गया है, जिससे बादल बन रहे हैं।
ओरछा और बचेली में सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के दक्षिण हिस्से में मौसम का असर साफ देखा गया। ओरछा और बड़े बचेली में सबसे अधिक 40 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। राजधानी रायपुर सहित मैदानी इलाकों में भी आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है।
तापमान का हाल: कहीं गर्मी, कहीं हल्की ठंड
जगदलपुर का पारा 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। उत्तरी छत्तीसगढ़ में अभी भी ठंड का असर है, जहां न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अगले तीन दिनों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे उमस महसूस होगी।


