रायपुर। सेंट्रल गवर्नमेंट ने राज्य में उज्जवला योजना के लागू होने के बाद से केरोसीन का कोटाघटा दिया था। पहले तो ये आवंटन 1.72 लाख लीटर था जो अब घटकर 1.15 लीटर हो गया है।प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इसमेंउन्होंने कोटे को बढ़ाने की मांग की है।

पूरे तथ्यों के साथ लिखा पत्र:

आंकड़े स्पष्ट करते हुए सीएम बघेल ने लिखा है कि प्रत्येक हितग्राही द्वारा प्रतिवर्ष औसतन एक हीसिलेंडर रिफिल कराया गया है। इसकी वजह है कि गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों को सिलेण्डरकी पूरी कीमत जो राज्य में 773 रुपए है, उस पर खरीदना पड़ता है, जबकि सब्सिडी की राशि जो270 रुपए है वो बाद में हितग्राही के खाते में आती है। गरीब परिवार एकमुश्त यह राशि नही दे पाता।सीएम भूपेश ने आगे लिखा है कि हमारा राज्य 1.35 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला है। वितरकों की
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संख्या कम है,ग्रामीण अंचल में निवासरत नागरिक कई किलोमीटर की यात्रा कर के रिफिल सिलिण्डरहासिल करें, यह बेहद जटिल है। घर पहुँच सेवा भी विश्वसनीय नहीं है। यही वे वजह हैं जिनकी वजह सेगरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवारों के लिए सिलेण्डर के बजाय खाना पकाने के लिए ईंधन के रुपमें कैरोसिन के उपयोग की जरूरत पड़ती है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में केरोसिन की कटौती से गरीब परिवारों को वितरण न होने और परेशानियोंका हवाला देते हुए माँग की है कि राज्य को केरोसिन का कोटा 1.58 लाख लीटर किया जाए। Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें  और Youtube  पर हमें subscribe करें।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।