Budget Session Of Chhattisgarh Assembly -छग. विधानसभा का बजट सत्र 1 से 24 मार्च तक 14 बैठकें प्रस्तावित
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0 बृजमोहन, डहरिया और लखमा के बीच होता रहा वाद-विवाद
0 विपक्ष बोलै परिणाम जानते हैं,फिर भी आखरी कील साबित होगी

0 चर्चा शुरू

रायपुर। विशेष संवादाता /टीआरपी
विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा को लेकर स्वीकृति के साथ ही बोलने की समय सीमा को लेकर काफी विवाद हुआ। कुर्सी है तुम्हारी जनाज़ा तो नहीं ,कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते :- बृज मोहन अग्रवाल इस शायरी के साथ भाजपा की ओर से अविश्वास प्रस्ताव की शुरुवात बृज मोहन अग्रवाल ने की। कवासी लखमा तत्काल बोले ये कवि सम्मेलन चल रहा है क्या? लोकसभा में संसदीय शब्दों का प्रयोग करने वाले सांसदों को बर्खास्त किया गया है यहां पर भी हैं ऐसा बोलने वाले यह चार लोग हैं। विस अध्यक्ष से मुखातिब होकर लखमा ने कहा आप ध्यान रखना उन पर भी कार्रवाई करें।

भाजपा की ओर से पहले वक्ता बृज मोहन अग्रवाल को बोलने के सीमा बता कर रोका गया, बृज मोहन अग्रवाल को शिव डहरिया ने टोका था। बृज मोहन अग्रवाल ने कहा बोलना रोक देता हूं सत्ता पक्ष के सदस्यों ने बोलने की समय सीमा के पालन कराने की मांग की मुख्यमंत्री ने भी सदन में उठ कर समय सीमा के पालन की बात कही। समय सीमा में बात हो इस बात को लेकर 20 मिनट चर्चा हुई। सत्तापक्ष के सदस्यों ने व्यंग्य किया जितने विधायक है उतना समय मिला है। 14 विधायक इनको दिया है तो समय कम होगा ही बोले शिव डहरिया।

बृजमोहन बोले मैं 6 बार का विधायक हूँ कई बार अविश्वास प्रस्ताव देख चुका हूं पहली बार देख रहा हूं कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा को रोका नही गया ये पहली बार ऐसा नजारा देख रहा हूँ। पहली बार मैं भी देख रहा हूं अविश्वास प्रस्ताव में नही रोका जाता। ननकीराम उस समय से विधायक है जब कई मंत्री बने लोग उस समय तो पैदा हुए होंगे आज उनको बोलने से रोक रहे है। पहली बार ऐसा देख रहा हूं। समय सीमा को लेकर विवाद और तीखी नोक झोंक विधानसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद खत्म हुई। बृजमोहन ने सदन में तंज किया और कहा कि हम को मालूम है कि हमारे अविश्वास प्रस्ताव का हस्र क्या होगा लेकिन हम को विश्वास है कि ये अविश्वास प्रस्ताव सरकार के ताबूत की आखरी कील होगी।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।