MAHILA AAYOG: टीआरपी। एक महिला ने नाबालिग लड़के से दैहिक संबंध बनाए। इसके पश्चात दैहिक शोषण के लिए 50 लाख रुपये की मांग की। यह मामला राज्य महिला आयोग में आया। मामले की सुनवाई में महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा कि मामला नाबालिग लड़के से जुड़ा हुआ है इसलिए मामले का निराकरण महिला आयोग में संभव नहीं है। इसके बाद मामले को बाल संरक्षण आयोग में भेजने का आदेश दिया गया। अब, यह मामला बाल संरक्षण आयोग में सुलझाया जाएगा।


महिला से 11 साल छोटा है नाबालिग


गौरतलब है कि पिछले दिनों एक महिला ने राज्य महिला आयोग में आवेदन दिया कि एक युवक ने उसका दैहिक शोषण किया है। महिला ने युवक से 50 लाख रुपये की मांग की। मामले में अनावेदक के माता पिता उपस्थित हुए और महिला आयोग की सदस्याओं को बताया कि अनावेदक 17 साल का है। सबूत के तौर पर स्कूल का दस्तावेज, जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड की कॉपी प्रस्तुत की गई। अनावेदक के पिता ने यह भी बताया कि महिला के खिलाफ बाल संरक्षण आयोग में दो माह पहले शिकायत की गई है। आयोग की सुनवाई में महिला से पूछने पर उसने बताया कि वह 28 वर्ष की है और उसे नहीं मालूम था कि अनावेदक 17 वर्ष का नाबालिग है।


बाल संरक्षण आयोग में जाएगा मामला


फरवरी माह में आवेदिका थाना पुरानी बस्ती में गई तब उसे पता चला कि अनावेदक नाबालिग है। आवेदिका अपने साथ हुए दैहिक शोषण के लिए अनावेदक से 50 लाख रुपये की मांग कर रही है जबकि अनावेदक आवेदिका से 11 वर्ष छोटा है और विवाह योग्य उम्र से 04 वर्ष छोटा है। आयोग की सुनवाई करते हुए अध्यक्ष डा.किरणमयी नायक एवं सदस्य सरला कोसरिया, ओजस्वी मंडावी ने पाया कि इस स्थिति में प्रकरण का निराकरण महिला आयोग के द्वारा किया जाना संभव नहीं है। आयोग में आवेदिका के आवेदन को मूलतः बाल संरक्षण आयोग में भेजने का आदेश आयोग ने दिया। इस आशय का पत्र भी बाल संरक्षण आयोग में भेजा जाएगा। महिला के आवेदन का निराकरण भी बाल संरक्षण आयोग द्वारा किया जाएगा।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
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