रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के पुत्र अभिषेक सिंह को राहत नहीं मिली। आज सोमवार को चिटफंड कंपनी के फर्जीवाड़ा प्रकरण में एफआईआर निरस्त करने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने एफआईआर पर रोक लगाने अथवा निरस्त करने से इंकार कर दिया। इस सिलसिले में केस डायरी बुलाई गई है। प्रकरण पर अगली सुनवाई 5 जुलाई को होगी।

जस्टिस प्रशांत मिश्रा की एकल पीठ में चिटफंड कंपनी अनमोल इंडिया के फर्जीवाड़े मामले में सुनवाई की गई। पिछले दिनों पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे और पूर्व सांसद अभिषेक सिंह सहित 20 के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के खिलाफ याचिका दायर की गई थी। अभिषेक सिंह ने अपने खिलाफ जांच को तत्काल रोकने और एफआईआर निरस्त करने की मांग की। उनकी तरफ से कहा गया कि चिटफंड कंपनी से उनका कोई लेना-देना नहीं है।

इस मामले में महाधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा ने प्रतिवाद किया। इस पर कोर्ट ने कहा कि तुरंत प्रकरण पर कोई आदेश पारित नहीं किया जा सकता। प्रकरण की केस डायरी बुलाई है। प्रकरण पर अगली सुनवाई 5 जुलाई को होगी।

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आपको बता दें कि अंबिकापुर के प्रेम सागर गुप्ता ने विशेष न्यायाधीश की अदालत में पेश परिवाद में बताया है कि अनमोल इंडिया कंपनी में उन्होंने निवेश किए थे। तय अवधि पूरी हो जाने के बावजूद राशि वापस नहीं की गई। अचानक कंपनी का दफ्तर बंद कर दिया गया। विशेष न्यायाधीश की अदालत ने धारा 156 (3) दंड प्रक्रिया संहिता के अधीन अपराध पंजीबद्ध करने के आदेश दिए थे। कंपनी के प्रचार-प्रसार में तत्कालीन सांसद अभिषेक सिंह और अन्य लोग भी लगे रहे हैं। कोर्ट ने उनकी भूमिका पर प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच के लिए निर्देशित किया था।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।