रायपुर। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह को डीजी (डायरेक्टर जनरल) पद पर प्रमोट करने की अनुशंसा कर दी गई है। मंगलवार को हुई विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस संबंध में आधिकारिक आदेश जल्द जारी किया जाएगा।

कैट के फैसले के बाद सेवा बहाली और अब डीजी पदोन्नति

गौरतलब है कि कैट (सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल) के आदेश के बाद जीपी सिंह की सेवा बहाल की गई थी, जिसके बाद उनकी डीजी पद पर पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया। अशोक जुनेजा के रिटायरमेंट के बाद डीजीपी स्तर का एक पद खाली था, जिसके लिए जीपी सिंह की पदोन्नति की गई।

डीजी पदों की स्थिति और प्रमोशन प्रक्रिया

राज्य में डीजी के दो कैडर और दो एक्स-कैडर पद हैं, जिन पर अशोक जुनेजा, पवन देव, अरुण देव गौतम और हिमांशु गुप्ता तैनात थे। जीपी सिंह की बहाली के बाद डीजी प्रमोशन को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई थी। इसी दौरान अशोक जुनेजा के एक्सटेंशन की भी चर्चा थी।

यदि अशोक जुनेजा को एक्सटेंशन मिलता, तो हिमांशु गुप्ता को डिमोट किए बिना प्रमोशन संभव नहीं था। लेकिन जुनेजा के रिटायरमेंट के बाद राज्य सरकार को डीओपीटी (डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग) से मंजूरी मिली, जिसके बाद डीपीसी बैठक में जीपी सिंह के प्रमोशन की अनुशंसा की गई।

आधिकारिक आदेश जल्द होगा जारी

अब डीपीसी की सिफारिशों के आधार पर जल्द ही राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक आदेश जारी किया जाएगा। प्रमोशन के बाद जीपी सिंह को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।