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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने देश के सबसे बड़े नक्सली हमलों में से एक, ताड़मेटला नरसंहार के सभी आरोपियों को बरी किए जाने के निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार की अपील को खारिज करते हुए कहा कि जांच एजेंसियां हमलावरों की पहचान साबित करने के लिए ठोस सबूत पेश करने में विफल रही हैं।

जांच की खामियों पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जांच प्रक्रिया पर गहरी नाराजगी जताई। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यह बेहद पीड़ादायक है कि इतनी बड़ी संख्या में जवानों की बर्बर हत्या के बावजूद जांच एजेंसियां असली हमलावरों की पहचान तक साबित नहीं कर सकीं। अदालत ने माना कि ट्रायल कोर्ट का फैसला न तो तर्कहीन था और न ही न्यायिक रूप से गलत, क्योंकि अभियोजन पक्ष कोई भी भरोसेमंद साक्ष्य पेश नहीं कर पाया।

मामले में कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें से 2 की मौत हो चुकी है। इन पर हत्या, आपराधिक साजिश और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम जैसी गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। हालांकि, 7 जनवरी 2013 को दंतेवाड़ा सेशन कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में इन्हें बरी कर दिया था, जिसे अब हाईकोर्ट ने भी सही माना है।

मास्टरमाइंड का अंत

सुरक्षा एजेंसियां ताड़मेटला हमले का मुख्य सूत्रधार कुख्यात नक्सली कमांडर मड़ावी हिड़मा को मानती थीं। हिड़मा बस्तर में नक्सली हिंसा का पर्याय बन चुका था और उसके खिलाफ दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज थे। आखिरकार, 18 नवंबर 2025 को आंध्र प्रदेश के मारेडूमिल्ली जंगलों में एक बड़े खुफिया ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों ने हिड़मा और उसकी पत्नी सहित 6 नक्सलियों को ढेर कर दिया था।6 अप्रैल 2010 को दंतेवाड़ा के ताड़मेटला जंगलों में नक्सलियों ने CRPF की 62वीं बटालियन पर घात लगाकर भीषण हमला किया था।

इस हमले में 75 CRPF जवान और 1 राज्य पुलिस का जवान शहीद हुआ था। इस जघन्य कांड का मास्टरमाइंड कुख्यात नक्सली हिडमा था, जिसे नवंबर 2025 में सुरक्षाबलों ने एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। निचली अदालत ने 2013 में ही आरोपियों को बरी कर दिया था, जिसे अब हाईकोर्ट ने भी सही माना है।

नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय समाचार, राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन का अनुभव है। वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार एवं लेख तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाना है।