Ambikapur Student Death: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में बीए प्रथम वर्ष की 19 वर्षीय छात्रा ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा का शव उसके जीजा के घर के बाथरूम में फंदे से लटका मिला। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। मामले में मृतका के परिजनों ने एक NSUI नेता पर छात्रा को परेशान और ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि छात्रा के कुछ वीडियो और चैट उसके पास थे और उन्हें वायरल करने की धमकी दी जा रही थी।
पुलिस ने छात्रा का मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्य जब्त कर लिए हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस जांच के बाद ही आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह और किसी की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
पटपरिया इलाके में सामने आया मामला
घटना अंबिकापुर के पटपरिया इलाके की बताई जा रही है। मृतका की पहचान अंतरा शाह, उम्र 19 वर्ष, के रूप में हुई है। वह अंबिकापुर के पीजी कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। बताया गया है कि अंतरा पिछले करीब छह महीने से अपनी दीदी और जीजा के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी। परिजनों के मुताबिक, घटना वाली रात अंतरा ने परिवार के साथ खाना खाया था। इसके बाद वह अपने कमरे में चली गई। रात में सब कुछ सामान्य था। सुबह जब परिजन उसे उठाने के लिए कमरे में पहुंचे तो वह वहां नहीं मिली। इसके बाद परिजनों ने घर में उसकी तलाश शुरू की। आवाज देने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। जब वे कमरे से जुड़े बाथरूम में पहुंचे तो अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। अंतरा का शव फंदे से लटका हुआ था। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों और छात्रा की सहेलियों को भी दी गई।
सहेलियों ने बताया- वीडियो और चैट को लेकर थी परेशान
घटना के बाद छात्रा की कुछ सहेलियों ने उसके जीजा को कथित तौर पर बताया कि अंतरा एक युवक को लेकर मानसिक रूप से परेशान थी। सहेलियों के अनुसार, NSUI नेता ज्ञान तिवारी के पास अंतरा से जुड़े कुछ वीडियो और चैट मौजूद थे। परिजनों का आरोप है कि इन वीडियो और चैट को वायरल करने की धमकी देकर अंतरा को लगातार परेशान किया जा रहा था। इसी वजह से वह काफी तनाव में थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
परिजनों ने NSUI नेता को ठहराया जिम्मेदार
अंतरा के परिजनों ने उसकी मौत के लिए NSUI नेता ज्ञान तिवारी को जिम्मेदार बताया है। परिवार का आरोप है कि कथित ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर अंतरा ने यह कदम उठाया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए छात्रा का मोबाइल फोन और अन्य संभावित साक्ष्य जब्त किए हैं। अब पुलिस मोबाइल में मौजूद चैट, वीडियो, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर सकती है। जांच के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि छात्रा पर किसी तरह का दबाव या धमकी थी या नहीं।
टीएस सिंहदेव ने की निष्पक्ष जांच की मांग
मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि घटना में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच करने की बात कही है।



