Padma Shri Anup Ranjan Pandey Receives Sangeet Natak Akademi Award
Padma Shri Anup Ranjan Pandey Receives Sangeet Natak Akademi Award

Raipur/New Delhi: छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध संस्कृतिकर्मी पद्मश्री अनूप रंजन पांडेय को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें प्रदान किया। इस अवसर पर देशभर के विभिन्न राज्यों के कलाकारों को भी सम्मानित किया गया।

बस्तर बैंड को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाले अनूप रंजन पांडेय ने प्रसिद्ध रंगकर्मी स्व. हबीब तनवीर के निर्देशन में कई नाटकों में अभिनय किया। वहीं छत्तीसगढ़ की संस्कृति और आदिवासी लोक कला का भी उन्होंने कलाकारों के साथ मंचन किया है।

पुरस्कार छत्तीसगढ़ को समर्पित

सम्मान मिलने के बाद अनूप रंजन पांडेय ने कहा कि यह उनके जीवन का गौरव का क्षण है। उन्होंने यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ के आदिवासी कलाकारों और प्रदेश की जनता को समर्पित किया।

उन्होंने कहा “छत्तीसगढ़ की लोक और आदिवासी कला परंपराओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में यहां के कलाकारों और आम जनता का बड़ा योगदान है।”

राष्ट्रपति ने क्या कहा?

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि सम्मानित कलाकार मिलकर भारत का ऐसा सांस्कृतिक मानचित्र तैयार करते हैं जिसमें देश की मिट्टी की कथाएं गीत नृत्य और उत्सव शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता ही उसकी सबसे बड़ी विरासत है। विभिन्न क्षेत्रों के कलाकार अपनी कला के जरिए लोक परंपराओं भाषाओं बोलियों और सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ को मिली राष्ट्रीय पहचान

अनूप रंजन पांडेय को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिलने से छत्तीसगढ़ की लोक और आदिवासी कला-संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी पहचान मिली है। पांडेय लंबे समय से छत्तीसगढ़ की कला परंपराओं को मंच देने और युवा कलाकारों को प्रोत्साहित करने का काम कर रहे हैं।

FAQ: अनूप रंजन पांडेय को पुरस्कार

सवाल: अनूप रंजन पांडेय को कौन सा पुरस्कार मिला?

उन्हें नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

सवाल: अनूप रंजन पांडेय ने पुरस्कार किसे समर्पित किया?

उन्होंने यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ के आदिवासी कलाकारों और प्रदेश की जनता को समर्पित किया।

सवाल: राष्ट्रपति ने समारोह में क्या कहा?

राष्ट्रपति ने कहा कि कलाकार भारत का सांस्कृतिक मानचित्र बनाते हैं और देश की विविध लोक परंपराओं को जीवित रखते हैं।

सवाल: इस सम्मान से छत्तीसगढ़ को क्या फायदा हुआ?

इस सम्मान से छत्तीसगढ़ की लोक और आदिवासी कला संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर एक और महत्वपूर्ण पहचान मिली है।

सवाल: अनूप रंजन पांडेय किस क्षेत्र में काम करते हैं?

वे छत्तीसगढ़ की लोक एवं आदिवासी कला परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए जाने जाते हैं।