टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) में बगावत के सुर उभर आए हैं। पार्टी की संयुक्त महामंत्री और वरिष्ठ नेता बबीता सिंह ने चिरमिरी से निर्दलीय महापौर पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। पिछले दो दशकों से कांग्रेस में सक्रिय बबीता सिंह नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत की करीबी मानी जाती हैं। उनकी जेठानी स्वर्गीय सुभाषिनी सिंह चिरमिरी की पहली महापौर थीं।

बबीता सिंह ने पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कार्यकर्ताओं का कोई सम्मान नहीं है। उन्होंने चिरमिरी कांग्रेस को एक व्यक्ति विशेष के इर्द-गिर्द सीमित बताते हुए नाराजगी जाहिर की।

पार्टी के फैसलों पर नाराजगी

पिछले चुनाव में बबीता सिंह महापौर पद की मजबूत दावेदार थीं, लेकिन तत्कालीन विधायक डॉ. विनय जायसवाल ने अपनी पत्नी को महापौर बनवा दिया। इस बार भी पार्टी ने डॉ. विनय जायसवाल को महापौर का टिकट दिया, जिससे बबीता सिंह असंतुष्ट हैं। उन्होंने कहा, पहले विधायक, फिर उनकी पत्नी को महापौर और अब फिर से पूर्व विधायक को टिकट देना बाकी कार्यकर्ताओं का अपमान है।

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भाजपा पर आरोप

बबीता सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने डॉ. जायसवाल का रास्ता साफ करने के लिए एक डमी उम्मीदवार खड़ा किया है। उन्होंने दावा किया कि 2028 में कांग्रेस फिर से जायसवाल दंपति को ही विधानसभा का प्रत्याशी बनाएगी।

इस घटनाक्रम से कांग्रेस की आंतरिक खींचतान और बढ़ गई है, जो आगामी निकाय चुनाव में पार्टी के लिए चुनौती बन सकती है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।