रायपुर। विधानसभा में एक सप्ताह पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत द्वारा भारतमाला परियोजना को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब आज प्रश्नकाल शुरू होने के कुछ देर पहले ही डॉ महंत को थमाया गया। इस मुद्दे पर विधानसभा अध्यक्ष ने गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि “ये अत्यंत खेदजनक है”, उन्होंने निर्देशित किया है कि अधिकारी विधानसभा के सवालों का जवाब, तय समय में सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ दें।

दरअसल भारतमाला परियोजना के मुआवजे से संबंधित सवाल नेता प्रतिपक्ष डॉ महंत द्वारा पिछले हफ्ते पूछा गया था, तब राजस्व मंत्री की ओर से जवाब दिया गया था कि जानकारी एकत्रित की जा रही है। तब विधानसभा अध्यक्ष ने इस पर नाराजगी जताते हुए व्यवस्था दी थी कि अगले हफ्ते इसका जवाब प्रथम प्रश्नोत्तर में दिया जाये।

बता दें कि विधानसभा में प्रश्नकाल में प्रश्नों का जवाब अमूमन एक दिन पहले ही विधायकों को उपलब्ध कराये जाने के साथ ही विधानसभा की वेबसाइट पर भी प्रकाशित कर दिया जाता है। मगर डॉ महंत द्वारा पूछे गए भारतमाला परियोजना संबंधी सवाल तो पहले क्रम पर था, मगर इसमें राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा की ओर पहले की तरह ही जवाब था कि ‘जानकारी एकत्रित की जा रही है।’ ऐसे में इस मुद्दे पर बवाल होना ही था। इस बीच आज होने वाले प्रश्नकाल के कुछ देर पहले ही नेता प्रतिपक्ष डॉ महंत को उनके कक्ष में जवाब का भारी-भरकम पुलिंदा अफसरों ने उन्हें सौंपा।

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आज जैसे ही प्रश्नकाल शुरू हुआ, डॉ महंत ने कागजों का पुलिंदा विधानसभा को दिखाते हुए व्यवस्था पर प्रश्न उठाया और कहा कि, अध्यक्ष के निर्देश के बावजूद मुझे प्रश्न का उत्तर अभी आधे घंटे पहले मिला। कई पन्नों में ये जवाब दिया गया है, इसे इतना देर में पढ़ा भी नहीं जा सकता, जबकि पिछले हफ्ते का ही प्रश्न था जिसे आज इस सवाल को पहले नंबर पर लिया जाना है।

भाजपा विधायक चंद्राकर ने भी की आलोचना

चरणदास महंत को पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक अजय चंद्राकर का भी साथ मिला। उन्होंने कहा कि विधानसभा के दृष्टिकोण से देखा जाये तो सदन के अंदर इस तरह की जानकारी देना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने भी इसे व्यवस्था का प्रश्न बताते हुए अधिकारियों के इस कृत्य को गलत बताया।

विधानसभा अध्यक्ष ने की गंभीर टिप्पणी

जिसके बाद आसंदी से विधानसभा अध्यक्ष ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि, ये अत्यंत खेदजनक है, मैं संसदीय कार्य मंत्री को निर्देशित करता हूं कि सभी अधिकारियों को निर्देशित करें कि सर्वोच्च प्राथमिकता पर रख कर उत्तर मुहैया कराया जाए। अगले हफ्ते के पहले प्रश्न के तौर पर इसे लिया जाएगा।

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जिसके बाद चरणदास महंत ने कहा कि ये भी उचित नहीं है कि उनके सवाल के ठीक पहले अधिकारियों पर कार्रवाई की जानकारी मीडिया को सार्वजनिक कर दी जाये। जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि जब ये सवाल आयेगा, तो आप अपनी बात कह दीजियेगा।