Chhattisgarh Government Scheme: छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आय और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए पशुधन विकास विभाग के माध्यम से बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना संचालित कर रही है। इस योजना में छोटे स्तर पर मुर्गी पालन शुरू करने के लिए हितग्राहियों को 28 दिन के 45 रंगीन कुक्कुट चूजे और कुक्कुट आहार उपलब्ध कराया जाता है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के साथ पोषण स्तर में सुधार करना भी है।
बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना के तहत एक इकाई की लागत 3,000 रुपये निर्धारित है। छत्तीसगढ़ सीएम हेल्पलाइन के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को 90 प्रतिशत यानी 2,700 रुपये का अनुदान मिलता है, जबकि हितग्राही को 300 रुपये यानी 10 प्रतिशत अंशदान देना होता है। अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के लिए 75 प्रतिशत यानी 2,250 रुपये अनुदान तथा 750 रुपये हितग्राही अंशदान निर्धारित है।
किन्हें मिल सकता है योजना का लाभ?
योजना के लिए अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के हितग्राहियों का उल्लेख किया गया है। इसका फायदा खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले ऐसे परिवारों को मिल सकता है, जो कम पूंजी में कुक्कुट पालन शुरू करना चाहते हैं। ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी इस तरह की योजनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आवेदन के लिए कहां करना होगा संपर्क?
बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना का लाभ लेने के लिए हितग्राही अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय या पशु औषधालय में संपर्क कर सकते हैं। जिला प्रशासन की योजना जानकारी में आवेदन के लिए संबंधित पशु चिकित्सा संस्थान से संपर्क करने का उल्लेख है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध लक्ष्य और चयन प्रक्रिया के अनुसार पात्र हितग्राहियों का चयन किया जाता है।
आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी?
योजना के लिए आवेदन करते समय कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता हो सकती है। आधिकारिक जिला पोर्टल पर आवेदन फार्म, आधार कार्ड, बैंक खाता और जाति संबंधी दस्तावेजों का उल्लेख किया गया है। आवेदन करने से पहले संबंधित पशु चिकित्सालय से उस जिले में वर्तमान वर्ष की पात्रता और अतिरिक्त दस्तावेजों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।
योजना का लाभ लेने से पहले ये बात जरूर जानें
बैकयार्ड कुक्कुट योजना में मिलने वाला अनुदान वर्ग और लागू जिला स्तर के प्रावधानों के अनुसार अलग हो सकता है। इसलिए पुराने सोशल मीडिया पोस्ट या अनधिकृत वेबसाइटों में दी गई राशि को अंतिम न मानें। आवेदन से पहले अपने जिले के पशु चिकित्सा विभाग से वर्तमान वित्तीय वर्ष की इकाई लागत, अनुदान, लक्ष्य और पात्रता की पुष्टि करना सबसे सुरक्षित तरीका है।



