Balod Congress Social Media Post Controversy: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सोशल मीडिया पेज पर साझा की गई एक पोस्ट को लेकर सियासी और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया है। पोस्ट में छत्तीसगढ़ के आदिवासी मुख्यमंत्री की तस्वीर और कथित आपत्तिजनक संदर्भ को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने नाराजगी जताई है।
समाज के प्रतिनिधियों ने पोस्ट को आदिवासी समाज की भावनाओं को आहत करने वाला बताते हुए बालोद एसपी से शिकायत की है और मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस के सोशल मीडिया पोस्ट पर आदिवासी समाज नाराज
मिली जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सोशल मीडिया पेज पर एक पोस्ट साझा की गई थी। इसी पोस्ट को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने आपत्ति दर्ज कराई है। समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि पोस्ट में आदिवासी मुख्यमंत्री की तस्वीर के साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी और संदर्भ का इस्तेमाल किया गया। पोस्ट सामने आने के बाद समाज के लोगों में नाराजगी देखी गई। प्रतिनिधियों का कहना है कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी समाज से जुड़े संवेदनशील विषय या उसके प्रतिनिधित्व से जुड़ी तस्वीर के साथ ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
पोस्ट को लेकर सामाजिक भावनाएं आहत होने का आरोप
सर्व आदिवासी समाज के लोगों ने कहा कि सोशल मीडिया सार्वजनिक संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। ऐसे में किसी पोस्ट में इस्तेमाल की गई भाषा और तस्वीर को लेकर विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए। समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि संबंधित पोस्ट से आदिवासी समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। उनका कहना है कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह की सामग्री सामाजिक सौहार्द पर भी प्रतिकूल असर डाल सकती है।
बालोद SP से की शिकायत
मामले को लेकर सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने बालोद एसपी से शिकायत की है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट की जांच कराने और पोस्ट से जुड़े तथ्यों की पड़ताल करने की मांग की है। प्रतिनिधियों ने शिकायत के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है। समाज की ओर से मामले को गंभीरता से लेने और उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।
राजनीतिक पोस्ट से बढ़ा विवाद
यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया है, जब सोशल मीडिया राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का प्रमुख माध्यम बन चुका है। राजनीतिक दल अपने विरोधियों पर निशाना साधने के लिए लगातार सोशल मीडिया पोस्ट का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, बालोद के इस मामले में विवाद केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा। सर्व आदिवासी समाज की शिकायत के बाद इसे सामाजिक भावनाओं से जुड़े मुद्दे के तौर पर भी उठाया गया है। अब शिकायत के बाद पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। फिलहाल समाज की ओर से संबंधित पोस्ट को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई है और कार्रवाई की मांग की गई है।


