Minister troubled by dilapidated road: छत्तीसगढ़ में सड़कों की बदहाली अब सिर्फ आम आदमी की नहीं, बल्कि मंत्रियों की परेशानी का भी सबब बन गई है। अंबिकापुर से प्रतापपुर होते हुए सेमरसोत को NH-343 से जोड़ने वाली मुख्य PWD सड़क की जर्जर हालत के कारण कृषि मंत्री रामविचार नेताम शिक्षक दिवस के कार्यक्रम में दो घंटे देर से पहुंचे, जिसके बाद उन्होंने मौके से ही कलेक्टर को फोन लगाकर कार्रवाई के निर्देश दे दिए।
मंत्री का काफिला भी गड्ढों में उलझा
बताया जा रहा है कि बरसात शुरू होने से कुछ महीने पहले ही PWD विभाग ने इस मार्ग पर पेंच रिपेयर कराया था, लेकिन गुणवत्ताहीन काम के कारण कुछ ही हफ्तों में सड़क फिर से टूट गई। प्रतापपुर-डवरा-सेमरसोत मार्ग पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बारिश का पानी भरने से गहराई का अंदाजा नहीं लगता। मंत्री नेताम ने कहा – “समय पर सही मरम्मत होती तो ये हालत नहीं होती।”

आम आदमी के लिए जानलेवा सफर
इस सड़क की बदहाली का सबसे ज्यादा असर रोजाना अप-डाउन करने वाले ग्रामीणों, छात्रों और वाहन चालकों पर पड़ रहा है। दिन में तो लोग गड्ढों से बचकर निकल जाते हैं, लेकिन रात में पानी भरे गड्ढे दिखाई नहीं देते। स्थानीय लोगों का कहना है – “रात में इस सड़क पर चलना जान हथेली पर रखने जैसा है।” वर्तमान में बलरामपुर-अंबिकापुर NH-343 का निर्माण भी जारी है, ऐसे में ये PWD मार्ग ही एकमात्र विकल्प बचा है, जो खुद बदहाल है।
मौके से कलेक्टर को फोन – निलंबन के निर्देश
सड़क की हालत देखकर नाराज मंत्री रामविचार नेताम ने मौके से ही बलरामपुर कलेक्टर को फोन किया। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले PWD अधिकारियों को चिन्हित कर निलंबन की कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए। मंत्री ने कहा – “सड़क जैसी बुनियादी सुविधा में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” उनके निर्देश के बाद अब PWD अफसरों पर गाज गिरनी तय मानी जा रही है।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल 1. मंत्री क्यों देर से पहुंचे?
जवाब: प्रतापपुर-डवरा-सेमरसोत PWD मार्ग के जर्जर गड्ढों के कारण कृषि मंत्री रामविचार नेताम का काफिला फंसा, 2 घंटे लेट।
सवाल 2. क्या कार्रवाई हुई?
जवाब: मंत्री ने मौके से कलेक्टर को फोन कर लापरवाह PWD अधिकारियों को चिन्हित कर निलंबित करने के निर्देश दिए।


