बलरामपुर। अंबिकापुर के शिवपुर एकलव्य मॉडल स्कूल की छात्राओं के बाद अब बलरामपुर जिले में जामवंतपुर हायर सेकेंडरी स्कूल के छात्रों ने स्कूल की व्यवस्थाओं की शिकायत लेकर डीईओ से मिलने पहुंचे। छात्रों ने शिकायतों की लिस्ट अफसर को सौंपी।
छात्रों का कहना था कि स्कूल में स्मार्ट क्लास नियमित रूप से संचालित नहीं हो रही है। इसके अलावा हेल्थ केयर और कंस्ट्रक्शन विषय की किताबें भी अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। छात्रों को मजबूरी में किताबों की फोटो कॉपी करवाकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।
स्मार्ट क्लास बंद, किताबें नहीं मिलने से छात्र परेशान
डीईओ कार्यालय पहुंचे छात्रों ने बताया कि स्मार्ट क्लास के जरिए पढ़ाई नियमित नहीं हो रही है। उनका कहना है कि पुराने तरीके से पढ़ाई और डायग्राम दिखाए जाने के कारण उन्हें विषयों को समझने में परेशानी हो रही है।
छात्रों ने बताया कि हेल्थ केयर और कंस्ट्रक्शन विषय की पुस्तकें नहीं मिली हैं। कई छात्र किताबों की फोटो कॉपी करवाकर पढ़ाई कर रहे हैं। छात्रों ने सवाल उठाया कि आखिर कब तक फोटो कॉपी के सहारे पढ़ाई करनी पड़ेगी।
एक छात्रा ने कहा कि स्कूल की किताबें मिलनी चाहिए। स्मार्ट क्लास कब शुरू होगी और उसके माध्यम से पढ़ाई कब कराई जाएगी, इसकी जानकारी भी छात्रों को दी जानी चाहिए।
वहीं एक अन्य छात्रा ने बताया कि हेल्थ केयर और कंस्ट्रक्शन विषय की किताबें नहीं आई हैं और स्मार्ट क्लास भी बंद है। छात्रों का कहना है कि उन्हें मोबाइल और पीडीएफ के जरिए पढ़ाई करने की सलाह दी गई, लेकिन परीक्षा के समय इस व्यवस्था से उन्हें काफी परेशानी हो रही है।
परीक्षा शुल्क बढ़ने से भी नाराज छात्र
छात्रों ने स्मार्ट क्लास और पुस्तकों के अलावा परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी को लेकर भी नाराजगी जताई है। छात्रों ने इन सभी समस्याओं के जल्द समाधान की मांग करते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अपनी मांगों की सूची सौंपी।
शासन से किताबें नहीं मिलीं: सहायक संचालक
मामले में सहायक संचालक आशारानी टोप्पो ने बताया कि जामवंतपुर स्कूल के छात्र अपनी मांगों को लेकर कार्यालय पहुंचे थे। छात्रों ने हेल्थ केयर और कंस्ट्रक्शन विषय की पुस्तकें उपलब्ध नहीं होने, स्मार्ट क्लास के नियमित संचालन नहीं होने और परीक्षा शुल्क बढ़ाए जाने की शिकायत की है।
उन्होंने कहा कि इन समस्याओं पर विचार कर निराकरण किया जाएगा। शासन की ओर से अभी इन विषयों की पुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। पुस्तकें प्राप्त होते ही छात्रों को उपलब्ध करा दी जाएंगी।


