टीआरपी। the tribal culture of Bastar : बेल्जियम से आए पर्यटकों के एक दल ने कोंडागांव स्थित धनकुल एथनिक रिजॉर्ट का भ्रमण किया। बस्तर की जनजातीय संस्कृति और जीवनशैली को नजदीक से जानने पहुंचे इन पर्यटकों ने रिजॉर्ट में स्थित ट्राइबल म्यूजियम का अवलोकन किया। आदिवासी कला, परंपराओं और जीवन दर्शन पर आधारित इस रिजॉर्ट की विशिष्ट थीम ने विदेशी मेहमानों को प्रभावित किया। अतिथियों का पारंपरिक शैली में गुड़हल के फूलों की चाय से स्वागत किया गया।

पर्यटकों ने कहा कि बस्तर के घने जंगलों, हरियाली और जनजातीय संस्कृति को देखकर यह अनुभव उनके लिए अविस्मरणीय रहेगा। उन्हें विश्वास नहीं था कि आज की दुनिया में भी प्रकृति, जनजातीय संस्कृति और पर्यावरण का इतना जीवंत संगम कहीं देखने को मिल सकता है। उन्होंने पूरे बस्तर क्षेत्र को गहराई से एक्सप्लोर करने की इच्छा जताई और बताया कि वे बार-बार यहां लौटना चाहेंगे।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
पत्रकारिता जगत में राजनीतिक खबरों से लेकर खेल, धर्म-समाज, पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व, समाज एवं कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल संरक्षण आयोग, महिला आयोग, सहित विविध विभागों की रिपोर्टिंग का अनुभव रहा है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सामाजिक क्षेत्र में बदलाव और आम जनता की समस्याओं को सटीक रूप से उजागर करना है।