टीआरपी। बेमेतरा से भाजपा विधायक दीपेश साहू ने सादगी की एक अनोखी मिसाल पेश करते हुए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह में तरुणा साहू के साथ विवाह के बंधन में बंध गए हैं। इस ऐतिहासिक विवाह समारोह में सात फेरे लेने से पहले विधायक की बारात बेहद पारंपरिक तरीके से बैलगाड़ी में निकली, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा।
एक जनप्रतिनिधि द्वारा वीआईपी संस्कृति को छोड़कर सरकारी सामूहिक विवाह योजना के मंच पर आम जनता के साथ शादी रचाना समाज में एक बड़ा और सकारात्मक संदेश देता है। यह कदम न केवल फिजूलखर्ची के खिलाफ सादगी की प्रेरणा देता है, बल्कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं के प्रति आम नागरिकों का भरोसा और सम्मान भी बढ़ाता है।
विधायक दीपेश साहू की इस अनोखी शादी को लेकर पूरे क्षेत्र में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बैलगाड़ी पर निकली इस पारंपरिक बारात में बाराती के तौर पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अलावा शासन के अन्य प्रमुख मंत्री और वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए। भले ही यह आयोजन एक शासकीय सामूहिक विवाह का हिस्सा था, लेकिन इसमें उत्साह और उमंग बिल्कुल किसी भव्य व्यक्तिगत शादी की तरह नजर आई, जहां घराती और बाराती दोनों ही पूरे जोश-खरोश के साथ झूमते गाते दिखे।
इस भव्य और गरिमामय वैवाहिक आयोजन में नवदंपत्ति को आशीर्वाद देने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अलावा विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह समेत छत्तीसगढ़ शासन के अनेक मंत्रीगण और गणमान्य नागरिक भी बेमेतरा पहुंचे।
बेमेतरा विधायक दीपेश साहू ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत तरुणा साहू के साथ परिणय सूत्र में बंधकर सादगी की एक अनूठी मिसाल पेश की है।
इस खास वीआईपी बारात में उप मुख्यमंत्री अरुण साव खुद बाराती बनकर बैलगाड़ी के साथ पैदल चलते नजर आए।
इस अनोखे और प्रेरणादायी विवाह के बाद प्रदेश में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को लेकर ग्रामीण और शहरी अंचलों में लोकप्रियता और अधिक बढ़ने की संभावना है। राज्य सरकार आने वाले दिनों में ऐसी सामूहिक विवाह योजनाओं के बजट और सुविधाओं में और अधिक विस्तार कर सकती है।
