छत्तीसगढ़ के सूरजपुर और बालोद जिले में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर और बालोद जिले में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

Beti Bachao Beti Padhao: छत्तीसगढ़ में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान अब एक व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है। राज्य शासन के निर्देशों के तहत विभिन्न जिलों में महिलाओं, किशोरियों और विद्यार्थियों को सशक्त एवं जागरूक करने के उद्देश्य से लगातार जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सूरजपुर और बालोद जिले में विशेष जागरूकता शिविर संपन्न हुए।

इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य समाज में महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण, वित्तीय साक्षरता और शासकीय योजनाओं के प्रति समझ बढ़ाना तथा बाल विवाह, बाल श्रम व लैंगिक भेदभाव जैसी कुरीतियों को समाप्त करना है।

सूरजपुर में पहाड़ी कोरवा महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का मंत्र

सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड स्थित ग्राम चेन्द्रा में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं को ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान, घरेलू हिंसा रोकथाम, मासिक धर्म स्वच्छता और बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया।

इस दौरान महिलाओं को महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों:

चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098

महिला हेल्पलाइन: 181

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आपातकालीन सेवा: 112

की जानकारी दी गई। साथ ही नोनी सुरक्षा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना, महतारी वंदन योजना और सखी वन स्टॉप सेंटर के बारे में बताया गया। कार्यक्रम में विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा महिलाओं को स्वरोजगार के लिए ‘लाइवलीहुड कॉलेज’ में सिलाई, बुनाई, ब्यूटी पार्लर और कंप्यूटर प्रशिक्षण से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।

बालोद में छात्रों को पॉक्सो एक्ट और ‘गुड टच-बैड टच’ की दी जानकारी


उधर, बालोद जिले के शासकीय स्वामी आत्मानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (गुंडरदेही) में जिला बाल संरक्षण इकाई एवं चाइल्ड हेल्पलाइन द्वारा छात्र-छात्राओं के लिए जागरूकता सत्र आयोजित किया गया।

इस सत्र में लगभग 110 विद्यार्थियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने छात्रों को:

पॉक्सो एक्ट (POCSO Act – 2012)

किशोर न्याय अधिनियम (2015)

बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (2006)

गुड टच-बैड टच और साइबर सुरक्षा

जैसे महत्वपूर्ण विषयों और कानूनी अधिकारों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की।

FAQ

प्रश्न 1: सूरजपुर जिले के किस विकासखंड में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का आयोजन किया गया था?

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उत्तर: सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड के ग्राम चेन्द्रा में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

प्रश्न 2: आपातकालीन स्थितियों और बाल सुरक्षा के लिए किन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई?

उत्तर: बाल सुरक्षा के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला सहायता के लिए 181 और आपातकालीन सेवा के लिए 112 की जानकारी दी गई।

प्रश्न 3: सूरजपुर में आयोजित कार्यक्रम में विशेष रूप से किस जनजाति की महिलाओं को आत्मनिर्भरता और कौशल प्रशिक्षण से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया?

उत्तर: विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा महिलाओं को लाइवलीहुड कॉलेज से सिलाई, बुनाई, ब्यूटी पार्लर व कंप्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया।

प्रश्न 4: बालोद जिले के स्वामी आत्मानंद स्कूल में छात्रों को किन प्रमुख कानूनों की जानकारी दी गई?

उत्तर: छात्रों को पॉक्सो (POCSO) अधिनियम-2012, किशोर न्याय अधिनियम-2015 और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 की जानकारी दी गई।

प्रश्न 5: राज्य सरकार द्वारा संचालित इन जागरूकता कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य क्या है?

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उत्तर: महिलाओं और बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों व जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर सशक्त बनाना तथा बाल विवाह, बाल श्रम और साइबर अपराधों की रोकथाम करना है।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
पत्रकारिता जगत में राजनीतिक खबरों से लेकर खेल, धर्म-समाज, पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व, समाज एवं कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल संरक्षण आयोग, महिला आयोग, सहित विविध विभागों की रिपोर्टिंग का अनुभव रहा है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सामाजिक क्षेत्र में बदलाव और आम जनता की समस्याओं को सटीक रूप से उजागर करना है।