रायपुर। राजधानी के बोरियाकला में आरम सिटी नेक्स्ट प्रोजेक्ट के तहत कृषि भूमि को आवासीय बताकर बेचने वाले बिल्डर पर रेरा (RERA) ने सख्त कार्रवाई करते हुए खरीदी-बिक्री और रजिस्ट्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है। जांच में पाया गया कि बिल्डर सचिन बाफना राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज खेती की जमीन को नियमों के विरुद्ध जाकर प्लॉट के रूप में बेच रहा था।

दस्तावेजों की सूक्ष्म जांच में यह तथ्य सामने आया कि जिस जमीन पर आरम सिटी नेक्स्ट प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है, वह राजस्व अभिलेखों (B-1, P-2) में आज भी कृषि प्रयोजन के लिए दर्ज है। नियमतः, खेती की जमीन का उपयोग केवल कृषि कार्य के लिए ही किया जा सकता है, जब तक कि उसका डायवर्सन न हो जाए।

शिकायतकर्ता ने रेरा को बताया कि बिल्डर इस प्रोजेक्ट को नगर तथा ग्राम निवेश (TNCP) से एप्रूव्ड बताकर ग्राहकों को गुमराह कर रहा था। रेरा ने शिकायतों को सही पाते हुए तत्काल प्रभाव से इस जमीन की रजिस्ट्री और किसी भी प्रकार के व्यावसायिक हस्तांतरण पर बैन लगा दिया है।

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इस प्रोजेक्ट से जुड़ी गड़बड़ियां केवल रेरा तक सीमित नहीं हैं। तहसील कार्यालय की जांच में पता चला कि बिल्डर ने कई खसरों को जोड़कर नया खसरा नंबर बनाया था, जिसे तहसील ने पहले ही रद्द कर दिया था। प्रमोटर ने इस आदेश की जानकारी छिपाकर रखी और प्लॉट बेचना जारी रखा। वर्तमान में यह मामला तहसील कोर्ट में विचाराधीन है और वहां से स्थगन आदेश (Stay Order) भी जारी किया जा चुका है।

रेरा अब इस मामले में बिल्डर को नोटिस जारी कर विस्तृत जवाब तलब करेगा। जब तक जमीन का वैधानिक डायवर्सन और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से अंतिम अनुमति नहीं मिल जाती, तब तक यहां किसी भी प्रकार की रजिस्ट्री संभव नहीं होगी। प्रशासन अब अन्य अवैध कॉलोनाइजर्स पर भी नकेल कसने की तैयारी में है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।