रायपुर। रायपुर के थाना तेलीबांधा अंतर्गत पचपेड़ी नाका से तेलीबांधा के बीच सर्विस रोड में एक कोयला कारोबारी के ऑफिस के सामने फायरिंग हुई है। जानकारी के मुताबिक अमन साहू गैंग ने इस वारदात को अंजाम दिया है। बता दें कि कोयला कारोबारी का ऑफिस उद्योग भवन तेलीबांधा के पास है। जो पीआरए कांस्ट्रक्शन कंपनी के नाम से है।

पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई और अमन साहू गैंग पर आशंका जताई है। जानकारी के अनुसार यह घटना शनिवार सुबह 11 बजे की है। बता दें कि कोल व्यापारी का ऑफिस तेलीबांधा क्षेत्र के उद्योग भवन के पास है। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार दो बाइक सवारों ने गोली चलाई है। तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि बाइक सवार मुंह पर मास्क लगाकर आए थे।

बता दें कि पुलिस ने करीब डेढ़ महीने पहले छत्तीसगढ़ में शूटआउट की तैयारी कर रहे चार शूटरों को पकड़ा था। ये काेरबा और रायगढ़ में कारोबारियाें को शूटआउट की तैयारी में थे। जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला झारखण्ड से जुड़ा हुआ है, जहां छत्तीसगढ़ के दो कारोबारी कोयले का व्यापार करते हैं।

रायपुर में इनमे से एक के कत्ल के बाद अगला कत्ल कोरबा या रायगढ़ में करने की तैयारी थी। झारखंड के कुख्यात अपराधी अमन साहू गैंग का यह काम है, और उसने इस वारदात को अधिक पेशेवर तरीके से करने के लिए लॉरेंस बिश्नोई जैसे बड़े गिरोह को इसकी सुपारी दी थी। इसी की तैयारी में पुलिस ने 4 लोगों को पकड़ा था।

बीते कुछ सालों के भीतर इस गिरोह के एक शूटर ने झारखंड से छत्तीसगढ़ आकर रायपुर आकर कोयला कारोबारी के कार्यालय के गेट में बैठे गार्ड के ऊपर हवाई फायर करके दहशत पैदा की थी, ताकि जिनसे झारखंड में वसूली करनी है, वे इस गिरोह को गंभीरता से लें। इसके पूर्व भी कोरबा में कोयला कारोबारी के कार्यालय में फायरिंग करके एक अपराधी बाइक पर भागा था। इन दोनों मामलों में पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों को पकड़ लिया था और पूछताछ में खुलासा हुआ था कि अमन साहू गैंग के कहने पर वे हवाई फायरिंग कर कोयला कारोबारी के यहां दहशत फैलाने के लिए आये थे।

तीन शूटर लॉरेंस बिश्नोई के गांव के…

इस मामले में रायपुर के आईजी अमरेश मिश्रा और एसएसपी संतोष सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में भाड़े के इन शूटरों को पेश किया, और पूरी साजिश की जानकारी दी। इनमें एक गिरफ्तार झारखंड का है, और बाकी तीन राजस्थान के रहने वाले हैं जिन्हें एक-एक को कई-कई लाख रूपए इन हत्याओं के लिए दिए जा रहे थे। ये सारे के सारे लोग 20 से 31 साल के बीच के हैं, और सभी का पुराने जुर्म का रिकॉर्ड भी है।

झारखण्ड की जेल में बंद है अमन साहू

झारखण्ड से गिरोह चला रहा अमन साहू जितना खूंखार अपराधी है, वैसा वह नजर नहीं आता है। दुबले-पतले से इस युवक ने किशोरावस्था में ही अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था। उसका मुख्य पेशा झारखंड में बड़े कारोबारियों से रंगदारी वसूलना है। अमन साहू इतना निडर है कि वह कारोबारियों के लिए बाकायदा वीडियो सन्देश जारी करता था।

उसकी हथियार और नोट पकड़े तस्वीरें भी नेट में वायरल हैं। झारखण्ड के ATS ने दो वर्ष पूर्व अमन साहू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि गिरफ़्तारी के बाद से आधा दर्जन बार उसके जेल बदल दिए गए हैं, क्योंकि वह जिस भी जेल में जाता है वहां से अपने गिरोह का संचालन शुरू कर देता है, वह जेलरों को धमकाता है, और तो और उनसे भी रंगदारी मांगने लगता है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।