बड़ी खबरः राज्य में अब तक 4927 गौठान हुए स्वावलंबी, स्वयं की जमा पूंजी से खरीद रहे हैं गोबर  

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज पशुपालक ग्रामीणों, गौठानों से जुड़ी महिला समूहों और गौठान समितियों को 8 करोड़ 23 लाख रूपए की राशि ऑनलाइन जारी की। 

इस राशि में 15 जनवरी से 31 जनवरी तक गौठानों में पशुपालक ग्रामीणों, किसानों, भूमिहीनों से क्रय 2.38 लाख क्विंटल गोबर के एवज में 4 करोड़ 76 लाख रूपए, गौठान समितियों को 2.04 करोड़ रूपए और महिला समूहों को 1.43 करोड़ रूपए की लाभांश राशि शामिल है। 

गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी के एवज में विक्रेताओं को अंतरित की गई 4.76 करोड़ रूपए की राशि में से मात्र 1.98 करोड़ की राशि कृषि विभाग द्वारा तथा 2.78 करोड़ रूपए का भुगतान स्वावलंबी गौठानों द्वारा किया गया है। इस दौरान जानकारी दी गई कि राज्य में अब तक 4927 गौठान स्वावलंबी हो चुके हैं, जो स्वयं की जमा पूंजी से गोबर क्रय करने लगे हैं। 

स्वावलंबी गौठानों द्वारा अब तक 40.49 करोड़ रूपए का गोबर स्वयं की राशि से क्रय कर भुगतान किया गया है। गौठानों में गोबर से  प्राकृतिक पेंट बनाने की 13 यूनिट शुरू हो चुकी हैं। क्रियाशील यूनिटों के माध्यम से अब तक 17936 लीटर प्राकृतिक पेंट का उत्पादन किया गया है, जिसमें से 9622 लीटर प्राकृतिक पेंट के विक्रय से 22 लाख 51 हजार 110 रूपए की आय अर्जित हुई है। 

राज्य के 21 जिलों के 29 चिन्हित गौठानों में गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने की यूनिट स्थापना अंतिम चरण में है। शीघ्र ही इनसे प्राकृतिक पेंट का उत्पादन होने लगेगा।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।