बिलासपुर। राजधानी रायपुर में हुए करोड़ों रुपये के चावल धोखाधड़ी के मामले के महाराष्ट्र के व्यापारियों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने व्यापारी पिता-पुत्र के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने का आदेश दिया है।

तिल्दा के अमित चावल उद्योग मालिक राजेन्द्र अग्रवाल ने तिल्दा थाने और मोवा के भगवती इंटरप्राइजेज के संचालक प्रशांत शर्मा ने मोवा थाना में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक 20 जुलाई 2021 को महाराष्ट्र ठाणे स्थित राइस एक्सपोर्टर किआ एग्रो इंडस्ट्रीज प्रा.लि. द्वारा चावल खरीदने के लिए आर्डर मिला था।

जिस पर उन्होंने 5996.80 टन चावल सप्लाई किया जिसकी कीमत तकरीब साढ़े तेरह करोड़ रुपये हुई थी। किआ एग्रो के संचालकों ने 9,38,75,354/- रूपये का भुगतान किया गया जबकि शेष 4,14,78,034/- रूपये की राशि का भुगतान नहीं किया गया। जिस पर प्रशांत शर्मा और राजेन्द्र अग्रवाल की शिकायत पर राजधानी के मोवा और तिल्दा थाना में पिता-पुत्र अनिल कुमार मौर्या और ऋषभ मौर्या के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी।

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आरोपियों ने इस मामले में एफआईआर रद्द करने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मामले में जस्टिस राकेश मोहन पांडे की कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए किआ एग्रो के डायरेक्टर पिता-पुत्र के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने का आदेश दिया है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।