रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रायगढ़ के सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) बरनाबस बखला को बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार की रिकवरी कार्रवाई पर स्थगन आदेश जारी किया है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की वसूली नहीं की जाएगी।

क्या है मामला?

बरनाबस बखला पर उनके कार्यकाल के दौरान वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। इसी आधार पर राज्य शासन ने उनकी पेंशन, ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण की राशि रोक दी थी। इसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।

याचिका में क्या कहा गया?

बखला की ओर से अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी और अपूर्वा पांडे ने कोर्ट में दलील दी कि यह कार्रवाई कानून और संविधान के खिलाफ है। याचिका में बताया गया कि सेवानिवृत्त होने के बाद रायगढ़ कलेक्टर ने एक तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया, जिसने कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया।

हाईकोर्ट का फैसला

याचिका पर सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि बखला से फिलहाल कोई भी वित्तीय वसूली नहीं की जाएगी। कोर्ट के इस फैसले से सेवानिवृत्त अधिकारी को बड़ी राहत मिली है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।