Bilaspur Swine Flu H1N1 Cases: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है। जिले में अब तक 7 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने की जानकारी सामने आई है। इनमें से 5 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। वहीं 2 मरीजों का इलाज फिलहाल बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रबंधन दोनों मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। मौजूदा स्थिति में सबसे अधिक ध्यान 75 वर्षीय महिला मरीज पर है।
उन्हें उपचार के दौरान ICU में रखा गया था, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार के बाद अब उन्हें ICU से बाहर लाया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। उनकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। उम्र अधिक होने के कारण चिकित्सकीय टीम उनकी सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरत रही है।वहीं अस्पताल में भर्ती दूसरे मरीज की उम्र करीब 30 वर्ष बताई जा रही है। इस मरीज की ट्रैवल हिस्ट्री में रायपुर का उल्लेख सामने आया है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग संक्रमण के संभावित स्रोत और मरीज के संपर्क में आए लोगों से जुड़ी जानकारी पर भी नजर रख रहा है। हालांकि संक्रमण की पूरी कड़ी को लेकर स्वास्थ्य विभाग की निगरानी जारी है।
7 मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई सतर्कता
बिलासपुर में H1N1 के मरीज सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिले के स्वास्थ्य संस्थानों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का फोकस ऐसे मरीजों की जल्द पहचान पर है, जिनमें स्वाइन फ्लू या इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। इसके लिए अस्पतालों से लेकर प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। CIMS, जिला अस्पताल, PHC और CHC स्तर पर संदिग्ध मरीजों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिया गया है कि फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों को नजरअंदाज न किया जाए और जरूरत के अनुसार उनकी जांच तथा उपचार की प्रक्रिया शुरू की जाए।
पांच मरीज स्वस्थ, अस्पताल से मिली छुट्टी
अब तक सामने आए 7 संक्रमित मरीजों में से 5 उपचार के बाद स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं। यह राहत की बात है कि अधिकांश मरीज उपचार के बाद ठीक हो गए हैं। वहीं दो मरीजों का उपचार अभी जारी है और उनकी स्थिति पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर रख रही है। 75 वर्षीय महिला मरीज की हालत में सुधार होने के बाद उन्हें ICU से बाहर लाया जाना भी उपचार के लिहाज से सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। अस्पताल में भर्ती दोनों मरीजों को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है, ताकि स्वास्थ्य में किसी तरह का बदलाव होने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाया जा सके।
संदिग्ध मरीजों की पहचान पर जोर
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। खासतौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी या फ्लू जैसे लक्षणों के साथ अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की स्थिति पर ध्यान देने को कहा गया है। स्वाइन फ्लू संक्रमण के मामलों को देखते हुए संदिग्ध मरीजों की पहचान और समय पर चिकित्सकीय जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की निगरानी का उद्देश्य संक्रमण के संभावित प्रसार को समय रहते पहचानना और जरूरत के अनुसार मरीजों को उपचार उपलब्ध कराना है। अस्पतालों में चिकित्सकीय व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की जा रही है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
सामान्य लक्षण: तेज बुखार के साथ ठंड लगना, लगातार सूखी खांसी, गले में गंभीर खराश, बदन दर्द, सिरदर्द, नाक बहना और अत्यधिक थकान होना। कुछ मरीजों, विशेषकर बच्चों में उल्टी और दस्त की समस्या भी देखी जाती है।
खतरे के संकेत: सांस लेने में तकलीफ, सीने में तेज दर्द, लगातार चक्कर आना या होंठ-नाखूनों का नीला पड़ना गंभीर स्थिति को दर्शाता है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। खासतौर पर ऐसे लोग जिनमें फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं, उन्हें समय पर डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी जा रही है। बीमारी के लक्षणों को सामान्य मानकर लंबे समय तक नजरअंदाज करने से बचने पर जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग फिलहाल बिलासपुर में सामने आए सभी मामलों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। 5 मरीजों के स्वस्थ होकर घर लौटने और 2 मरीजों के उपचार जारी रहने के बीच विभाग की प्राथमिकता संक्रमण की निगरानी, संदिग्ध मामलों की पहचान और जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। फिलहाल बिलासपुर में 7 स्वाइन फ्लू मामलों की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था सतर्क है।


