रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़ा फैसला होने जा रहा है। बिलासपुर के कोनी स्थित सिम्स मेडिकल कैंपस में बने दो बड़े सरकारी अस्पतालों को निजी हाथों में सौंपने पर विचार किया जा रहा है। इसको लेकर मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मूल्यांकन समिति की उच्चस्तरीय बैठक हुई।
बैठक में दोनों अस्पतालों को एक ही 10-वर्षीय लाइसेंस समझौते के तहत निजी डेवलपर / ऑपरेटर को संचालन और रखरखाव के लिए सौंपने का प्रस्ताव रखा गया। यानी 10 साल तक निजी संस्था ही दोनों अस्पतालों को चलाएगी।
कौन से दो अस्पताल हैं?
- 240 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशलिटी अस्पताल – कोनी, सिम्स कैंपस, बिलासपुर
- 100 बिस्तरों वाला स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट – कोनी, सिम्स कैंपस, बिलासपुर
- कुल – 340 बिस्तर
गरीब मरीजों को क्या मिलेगा?
प्रस्ताव के मुताबिक अस्पताल के ज्यादातर बिस्तर सरकारी योजनाओं के लिए आरक्षित रहेंगे।
- आयुष्मान भारत और अन्य सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के लिए बेड सुरक्षित
- पूरी तरह निःशुल्क मरीजों के लिए भी व्यवस्था
- सिर्फ 20% बिस्तरों का उपयोग ही पेड मरीजों के इलाज के लिए किया जा सकेगा
क्या सुविधाएं मिलेंगी?
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में ये प्रमुख सेवाएं उपलब्ध होंगी –
- कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी
मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई बैठक में विधि एवं विधायी विभाग के प्रमुख सचिव मनीष कुमार ठाकुर, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, वित्त सचिव डॉ. रोहित यादव, आदिम जाति विकास सचिव भूवनेश यादव, अन्य विभागों के अधिकारी और ऑपरेटर संस्था KPMG के प्रतिनिधि मौजूद रहे। फ़िलहाल अभी प्रस्ताव पर चर्चा हुई है, अंतिम निर्णय समिति की सिफारिश के बाद शासन लेगा।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. कौन से 2 अस्पताल PPP पर दिए जा रहे हैं?
Ans. बिलासपुर कोनी में सिम्स कैंपस का 240 बेड सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और 100 बेड स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट।
Q2. कितने साल के लिए निजी हाथों में जाएंगे?
Ans. 10 साल के लाइसेंस एग्रीमेंट के तहत एक ही निजी ऑपरेटर को संचालन और रखरखाव सौंपने का प्रस्ताव है।
Q3. गरीब मरीजों को क्या फायदा मिलेगा?
Ans. 80% बेड आयुष्मान भारत और निःशुल्क मरीजों के लिए आरक्षित रहेंगे, सिर्फ 20% बेड पेड मरीजों के लिए होंगे।



