रायपुर। छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव में सियासी पारा उफान पर है। दोनों ही पार्टियों में आरोप-प्रत्यारोप का सियासत जारी है। भाजपा और कांग्रेस में पोस्टरवार थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीजेपी ने आज शनिवार को पोस्टर जारी कर पूछा है कि छत्तीसगढ़ कोटे के कांग्रेस के राज्यसभा सांसद केटीएस तुलसी, राजीव शुक्ला और रंजीता रंजन कहां हैं। लग रहा है वो लापता हो गये हैं। पहले चरण का लोकसभा चुनाव संपन्न हो गया, लेकिन अभी तक ये सांसद दिखाई क्यों नहीं दिए?

बीजेपी के प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने आज एकात्म परिसर में प्रेस ब्रीफ में पत्रकारों से चर्चा में आरोप लगाते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ियावाद का ढोल पीटने वाले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ से कांग्रेस के कोटे से दीगर प्रदेशों के नेताओं को राज्यसभा में भेजकर जो छल छत्तीसगढ़ के जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ किया था, उस करनी का फल आज छत्तीसगढ़ में कांग्रेस भोग रही है।

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भाजपा प्रदेश महामंत्री ने कहा कि तीनों कांग्रेस नेता के.टी.एस. तुलसी, राजीव शुक्ला और रंजीता रंजन छत्तीसगढ़ के कोटे से नहीं, भूपेश बघेल के आका के कोटे से छत्तीसगढ़वासियों का हक छीनकर राज्यसभा सदस्य बने हैं और अब इन्हें छत्तीसगढ़ से कोई लेना-देना नहीं रह गया है। वे छत्तीसगढ़वासियों को स्पष्ट करें कि उनकी सांसद निधि का पैसा छत्तीसगढ़ में कहां-कहां खर्च हुआ है? या फिर, क्या यह पैसा भी उनके ‘आकाओं की सेवा’ में लग गया है? कांग्रेस के राज्यसभा सांसद लगातार छत्तीसगढ़वासियों का अपमान कर रहे हैं। रंजीता रंजन ने कहा था कि सभी नक्सली बुरे नहीं होते। यह सीधा-सीधा नक्सली घटनाओं में शहीद हुए सैनिकों का अपमान है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।