बिलासपुर हाईकोर्ट
बिलासपुर हाईकोर्ट

टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ सरकार ने कोरोना काल में 15 फरवरी से 9वीं से 12वीं तक स्कूलों को खोले जाने का फैसला लिया है। सरकार के इस निर्णय को बिलासपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका के अनुसार कोरोना अभी समाज से खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में शासन का निर्णय गलत है, इस मामले में अर्जेंट हियरिंग 16 फरवरी को करने की मांग की गई है।

जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ छात्र पालक संघ के अध्यक्ष की ओर से वकील टीके झा ने यह याचिका हाईकोर्ट में दायर की है। पालकों का कहना है कि अभी सरकार के पास ऐसा कोई सर्वे या मेडिकल रिपोर्ट नहीं है कि कोरोना खत्म हो गया है। जिससे लोग इस बात का विश्वास करें कि समाज से कोरोना चला गया है।

उन्होंने आगे कहा कि बच्चों को भी वैक्सीन नहीं लगाया गया है। कोरोना से बचाव का उपाय दो गज की दूरी है, लेकिन बच्चे स्कूल आएंगे, तो एक दूसरे से मिलेंगे। ऐसे में सोशल डिस्टेसिंग का पालन नहीं हो पाएगा। इसके अलावा स्कूल की पढ़ाई ऑनलाइन कराई गई है और अब परीक्षा ऑफलाइन ली जाएगी।

वकील ने कहा कि ऐसे में बच्चे टेंशन में रहेंगे और फेल भी हो सकते हैं। जिससे कोई अनहोनी घटना भी घट सकती है, क्योंकि बच्चे फेल होंगे, तो कोई गलत कदम भी उठा सकते हैं। टीके झा ने यह भी तर्क दिया है कि बीते दिनों कोंडागांव के एक स्कूल में बहुत सारे बच्चे और शिक्षक कोरोना पॉजिटिव मिले थे। इसके साथ ही केरला, आंध्रप्रदेश और ओडिशा में स्कूल खोले जाने से भी बच्चे पॉजिटिव मिले थे।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।