रायपुर। आगामी जनगणना 2026 की तैयारियों को लेकर छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। इस कड़ी में राज्य सरकार ने अपर मुख्य सचिव IAS मनोज पिंगुआ को जनगणना कार्य के लिए राज्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। वे राज्य में जनगणना से जुड़ी सभी गतिविधियों का समन्वय और निगरानी करेंगे।

जातिगत जनगणना दो चरणों में होगी संपन्न

केंद्र सरकार ने इस बार जातिगत जनगणना कराने का निर्णय लिया है, जो दो चरणों में की जाएगी:

  • पहला चरण- हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन: यह चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा, जिसमें मकानों की गिनती, उनके भौतिक स्वरूप, सुविधाओं और संसाधनों की जानकारी इकट्ठा की जाएगी।
  • दूसरा चरण- जनगणना संचालन: इस चरण में प्रत्येक व्यक्ति की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी।

बता दें कि हिमालयी क्षेत्र में यह कार्य 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा। देश के शेष हिस्सों में 1 मार्च 2027 को जनगणना की जाएगी।

2011 के बाद पहली बार होगी जातिगत जनगणना

गौरतलब है कि भारत में पिछली बार 2011 में जातिगत जनगणना की गई थी। इसके बाद कोविड-19 के चलते 2021 की जनगणना टल गई थी। अब 16 साल बाद यह जनगणना देश की सामाजिक संरचना, संसाधन वितरण और कल्याणकारी योजनाओं की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मनोज पिंगुआ की नियुक्ति के बाद छत्तीसगढ़ में जनगणना कार्य की दिशा में प्रशासनिक तैयारियों को गति मिलेगी। राज्य स्तर पर डेटा संग्रह, अधिकारियों का प्रशिक्षण, जन जागरूकता और तकनीकी ढांचे के विकास जैसे कार्यों में तेजी लाई जाएगी।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।