छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के आठवें दिन की कार्यवाही शुरू होते ही सदन का माहौल गरमा गया। बालोद में आयोजित जंबूरी कार्यक्रम और उसमें हुए करोड़ों के खर्च को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार को जमकर घेरा। पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने टेंडर प्रक्रिया में बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए विधायक जांच दल बनाकर ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ करने की मांग की।

शौचालय से लेकर डोम तक… कहां गए करोड़ों रुपये?
बता दें कि प्रश्नकाल के दौरान उमेश पटेल ने सीधा सवाल दागा कि बालोद के जंबूरी कार्यक्रम में आखिर किस मद में कितना पैसा बहाया गया? इसके जवाब में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि शौचालय, बिजली, पानी, आवास और डोम जैसे इंतजामों के लिए करीब 2 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। हैरानी की बात यह है कि रायपुर के एक किराया भंडार को ही 5 करोड़ 18 लाख 88 हजार रुपये का भारी-भरकम टेंडर दिया गया था। इसी आंकड़े को लेकर विपक्ष ने सरकार को आड़े हाथों लिया और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।

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बिना टेंडर शुरू हुआ काम? सदन में जमकर हुई नोंकझोंक
दरअसल, उमेश पटेल ने प्रक्रिया पर उंगली उठाते हुए कहा कि टेंडर फाइनल होने से पहले ही काम शुरू कर दिया गया था, जो सीधे तौर पर नियमों की अनदेखी है। उन्होंने पूछा कि उस वक्त स्काउट गाइड का अध्यक्ष कौन था? इस पर शिक्षा मंत्री ने सफाई दी कि मुख्यमंत्री पदेन संरक्षक होते हैं और उन्हीं के निर्देश पर पूरी प्रक्रिया हुई है। हालांकि, मंत्री के इस जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ। मामला इतना बढ़ा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच तीखी बहस और नोकझोंक देखने को मिली।

भूपेश बघेल ने कहा- ‘पूरी दाल ही काली है’, फिर हुआ वॉकआउट
मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी कूद पड़े। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि पूरी प्रक्रिया में गड़बड़ी साफ नजर आ रही है और यह मिलीभगत का मामला है। बघेल ने सवाल किया कि क्या सरकार इस पूरे मामले की जांच विधानसभा की समिति से कराएगी? जवाब में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि सारा काम ‘जेम पोर्टल’ (GeM Portal) के जरिए हुआ है, जिसमें भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं है, इसलिए जांच की जरूरत नहीं है। मंत्री के इस रुख से नाराज होकर कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

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नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय समाचार, राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन का अनुभव है। वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार एवं लेख तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाना है।