दिल्ली प्रवास और पीएम, राष्ट्रपति से मुलाकात की जानकारी देते सीएम विष्णुदेव साय
दिल्ली प्रवास और पीएम, राष्ट्रपति से मुलाकात की जानकारी देते सीएम विष्णुदेव साय

CM VISHNU DEV SAI: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने तीन दिवसीय नई दिल्ली प्रवास को अत्यंत सफल और सुखद बताया है। इस प्रवास के दौरान उन्होंने देश के शीर्ष नेतृत्व और केंद्रीय मंत्रियों के साथ मिलकर प्रदेश के हित से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं और लंबित मुद्दों पर सार्थक चर्चा की।

राष्ट्रपति भवन में बस्तर के प्रतिनिधिमंडल का ऐतिहासिक स्वागत

दिल्ली प्रवास के पहले दिन मुख्यमंत्री साय और गृह मंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में बस्तर क्षेत्र के पद्मश्री पुरस्कार विजेताओं, बस्तर पंडुम के विजेताओं तथा ‘मांझी चालकी’ (बस्तर दशहरा का संचालन करने वाले) के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। राष्ट्रपति महोदया ने सभी का अंगवस्त्र व प्रतीक-चिह्न देकर सम्मान किया और उन्हें अपने हाथों से भोजन परोसकर आत्मीय स्वागत किया।

प्रधानमंत्री मोदी से बस्तर विकास और आयुर्वेद एम्स पर चर्चा

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर के नक्सल मुक्त होने के बाद की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बस्तर के 461 गांवों में विद्युतीकरण के प्रस्ताव को मंजूरी देने, राजनांदगांव में यूरिया संयंत्र की स्थापना तथा छत्तीसगढ़ में आयुर्वेद का एम्स (AIIMS) खोलने का आग्रह किया। साथ ही उन्हें आगामी ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ के लिए आमंत्रित भी किया।

3 महीने में सुलझेगा महानदी जल विवाद

ओडिशा के साथ वर्षों से चले आ रहे महानदी जल बंटवारे के विवाद पर भी बड़ी प्रगति हुई है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल तथा ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय जल आयोग (CWC) को दोनों राज्यों के हितों को ध्यान में रखकर निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया है। उम्मीद है कि अगले 3 महीनों के भीतर इस विवाद का समाधान हो जाएगा।

2,305 नए मोबाइल टावरों का प्रस्ताव

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात के दौरान डिजिटल भारत निधि के तहत प्रदेश में 2,305 नए मोबाइल टावर लगाने के प्रस्ताव पर शीघ्र स्वीकृति का आग्रह किया गया। साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 577 अतिरिक्त मोबाइल टावर स्वीकृत करने के लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद जताया गया।

(FAQ)

प्र.1: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर के प्रतिनिधिमंडल ने किससे मुलाकात की?

उत्तर: मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में बस्तर के पद्मश्री विभूतियों, बस्तर पंडुम विजेताओं और मांझी चालकी के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से राष्ट्रपति भवन में आत्मीय मुलाकात की।

प्र.2: पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने किन प्रमुख प्रस्तावों पर चर्चा की?

उत्तर: सीएम साय ने बस्तर के 461 गांवों में विद्युतीकरण, राजनांदगांव में प्रस्तावित यूरिया संयंत्र, राज्य में ‘आयुर्वेद का एम्स’ खोलने के आग्रह के साथ ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ का निमंत्रण दिया।

प्र.3: ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच जारी महानदी जल विवाद सुलझाने के लिए क्या फैसला लिया गया है?

उत्तर: दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की बैठक में केंद्रीय जल आयोग (CWC) को दोनों प्रदेशों के हितों का ध्यान रखते हुए निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया है, जिसके 3 महीनों में सुलझने की संभावना है।

प्र.4: डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से क्या मांग की गई?

उत्तर: डिजिटल भारत निधि के तहत छत्तीसगढ़ में 2,305 नए मोबाइल टावर स्थापित करने के प्रस्ताव को जल्द स्वीकृति देने का आग्रह किया गया।

प्र.5: केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए कितने अतिरिक्त मोबाइल टावरों की स्वीकृति दी गई है?

उत्तर: केंद्र सरकार द्वारा राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए 577 अतिरिक्त मोबाइल टावरों की स्वीकृति दी गई है।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
पत्रकारिता जगत में राजनीतिक खबरों से लेकर खेल, धर्म-समाज, पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व, समाज एवं कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल संरक्षण आयोग, महिला आयोग, सहित विविध विभागों की रिपोर्टिंग का अनुभव रहा है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सामाजिक क्षेत्र में बदलाव और आम जनता की समस्याओं को सटीक रूप से उजागर करना है।