paddy damage in storage centers
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने धान रख-रखाव में लापरवाही का आरोप राज्य सरकार पर लगाया

Paddy Storage Allegation: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण लगभग 15 लाख मीट्रिक टन धान संग्रहण केंद्रों में खुले में तिरपाल के भरोसे पड़ा है और बारिश से भीगकर खराब हो रहा है। कांग्रेस का कहना है कि 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदे गए धान का समय पर उठाव और निराकरण नहीं किया गया है।

कांग्रेस कार्यकर्ता जिलों में करेंगे धान का भौतिक परीक्षण

सुशील आनंद शुक्ला ने घोषणा की कि कांग्रेस प्रदेश के सभी जिलों में जांच समितियां भेजकर खुले में पड़े धान का भौतिक परीक्षण करवाने जा रही है। पार्टी कार्यकर्ता सभी संग्रहण केंद्रों पर जाकर धान के स्टॉक और उसकी वर्तमान स्थिति का जायजा लेंगे। कांग्रेस का आरोप है कि धान के खराब होने के नाम पर आगे चलकर भ्रष्टाचार की साजिश रची जा रही है ताकि जिम्मेदारी दूसरों पर या मौसम पर डाली जा सके।

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केंद्र सरकार द्वारा चावल न उठाने और नीलामी विफलता पर घेरा

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ से पूरा चावल नहीं खरीदे जाने के कारण यह संकट पैदा हुआ है। राज्य सरकार अतिरिक्त धान का उचित निस्तारण करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि परिवहन और हैंडलिंग मिलाकर 3,822 रुपये लागत मूल्य वाले धान की नीलामी का बेस रेट बेहद कम तय करने के बावजूद पूरा धान नीलाम नहीं हो सका, जिससे जनसामान्य के पैसों की बर्बादी हो रही है।

(FAQs)

प्र.1: कांग्रेस ने संग्रहण केंद्रों में कितना धान खुले में भीगने का दावा किया है?

उ.: कांग्रेस के अनुसार लगभग 15 लाख मीट्रिक टन धान संग्रहण केंद्रों में खुले में पड़ा भीग रहा है।

प्र.2: धान की स्थिति जांचने के लिए कांग्रेस क्या कदम उठाने जा रही है?

उ.: कांग्रेस प्रदेश के सभी जिलों में जांच टीमें भेजकर संग्रहण केंद्रों में पड़े धान का भौतिक परीक्षण (Physical Verification) कराएगी।

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प्र.3: कांग्रेस ने धान के निस्तारण में विफलता का क्या कारण बताया?

उ.: कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार द्वारा पूरा चावल न उठाने और राज्य सरकार द्वारा नीलामी का सही प्रबंधन न करने के कारण धान जमा पड़ा है।

प्र.4: किसानों से किस दर पर धान खरीदा गया था और कुल लागत क्या बताई गई?

उ.: धान 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया था, जिसकी कुल लागत परिवहन और हैंडलिंग मिलाकर 3,822 रुपये बैठती है।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
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