PM E bus service Chhattisgarh: दुर्ग-भिलाई के यात्रियों को जल्द ही प्रदूषण मुक्त और सुगम सार्वजनिक परिवहन की सौगात मिलने जा रही है। जिले में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा शुरू करने की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं।
दुर्ग जिला अर्बन पब्लिक सर्विस सोसायटी ने 50 नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए प्रस्तावित रूट चार्ट तैयार कर राज्य सरकार को अनुमति के लिए भेज दिया है। शासन स्तर से अधिसूचना जारी होते ही इन निर्धारित मार्गों पर ई-बसों का संचालन शुरू हो जाएगा।
रेलवे की मंजूरी के साथ दूर हुई बड़ी तकनीकी बाधा
इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट में सबसे बड़ी तकनीकी अड़चन बसों के चार्जिंग स्टेशन तक बिजली पहुंचाने की थी। चार्जिंग पॉइंट तक बिजली लाइन ले जाने के लिए रेलवे ट्रैक के नीचे से केबल क्रॉस कराने की अनुमति आवश्यक थी, जो अब मिल चुकी है। सीएसपीडीसीएल (CSPDCL) पहले ही बिजली पोल लगाने और तार बिछाने का काम पूरा कर चुका था। रेलवे से अनापत्ति मिलने के बाद यह मुख्य रुकावट समाप्त हो गई है।
प्रशासनिक नोटिफिकेशन का इंतजार, जल्द तय होगी टाइमिंग
रेलवे से मंजूरी मिलने के बाद अब केवल प्रशासनिक नोटिफिकेशन का इंतजार है। सरकार की मुहर लगते ही बसों की समय-सारिणी तय की जाएगी। तैयार किए गए प्रस्तावित रूट चार्ट में दुर्ग और भिलाई के शहरी क्षेत्रों के अलावा रायपुर, नया रायपुर, माना एयरपोर्ट और जिले के ग्रामीण व कस्बाई इलाकों को सीधे जोड़ा गया है।
जानिए किस रूट पर चलेंगी कितनी ई-बसें
प्रस्तावित योजना के तहत दुर्ग रेलवे स्टेशन से पाटन के बीच सबसे ज्यादा 7 बसों का संचालन होगा। इसके अलावा दुर्ग रेलवे स्टेशन से कचांदुर, रायपुर बस स्टैंड, माना एयरपोर्ट और नया रायपुर के लिए 5-5 बसें प्रस्तावित की गई हैं। वहीं दुर्ग बस स्टैंड से बेरला के बीच भी 5 बसें चलाई जाएंगी।
अन्य मार्गों की बात करें तो दुर्ग से उतई के बीच 4 बसें, दुर्ग से साजा और गंडई के बीच 3-3 बसें, पावर हाउस बस स्टैंड के लिए 2 बसें और चंदूलाल चंद्राकर अस्पताल के लिए 2 बसों का संचालन होगा। इसके साथ ही दुर्ग स्टेशन से उतई के बीच अलग रूट पर 4 बसें चलाने का प्रस्ताव शामिल है।
बिल्कुल। दिए गए विवरण के आधार पर रूट चार्ट को वेबसाइट पर इस्तेमाल करने लायक साफ टेबल में इस तरह रखा जा सकता है:
प्रस्तावित ई-बस रूट चार्ट
| क्रमांक | रूट | प्रस्तावित ई-बसें |
|---|---|---|
| 1 | दुर्ग रेलवे स्टेशन से पाटन | 7 |
| 2 | दुर्ग रेलवे स्टेशन से कचांदुर | 5 |
| 3 | दुर्ग रेलवे स्टेशन से रायपुर बस स्टैंड | 5 |
| 4 | दुर्ग रेलवे स्टेशन से माना एयरपोर्ट | 5 |
| 5 | दुर्ग रेलवे स्टेशन से नया रायपुर | 5 |
| 6 | दुर्ग बस स्टैंड से बेरला | 5 |
| 7 | दुर्ग से उतई | 4 |
| 8 | दुर्ग से साजा | 3 |
| 9 | दुर्ग से गंडई | 3 |
| 10 | दुर्ग से पावर हाउस बस स्टैंड | 2 |
| 11 | दुर्ग से चंदूलाल चंद्राकर अस्पताल | 2 |
| 12 | दुर्ग रेलवे स्टेशन से उतई (अलग रूट) | 4 |
हवा होगी साफ और शोरमुक्त होगा सफर
इलेक्ट्रिक मोटर चालित होने के कारण इन बसों से सड़कों पर ध्वनि प्रदूषण न के बराबर होगा। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले जीवाश्म ईंधन यानी पेट्रोल और डीजल की खपत में राज्य स्तर पर कमी आएगी। इससे न केवल पर्यावरण स्वच्छ रहेगा, बल्कि शहर शांत और प्रदूषण मुक्त बनेंगे।
कम किराए में स्मार्ट और सुरक्षित यात्रा
ईंधन के रूप में बिजली का उपयोग होने से इन बसों की परिचालन लागत में कमी आती है। इसका सीधा फायदा यात्रियों को कम और किफायती किराए के रूप में मिलेगा। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए इन बसों में नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) के जरिए डिजिटल टिकेटिंग, जीपीएस (GPS) लाइव ट्रैकिंग और सीसीटीवी (CCTV) कैमरे जैसी आधुनिक सुरक्षा प्रणालियां मौजूद रहेंगी।
एयरपोर्ट, नया रायपुर और ग्रामीण इलाकों से सीधी कनेक्टिविटी
ई-बसों के संचालन से दुर्ग-भिलाई और रायपुर के मुख्य रेलवे स्टेशनों से माना एयरपोर्ट, नया रायपुर और मंत्रालय तक सीधी बस सेवा उपलब्ध होगी। इसके अलावा पाटन, उतई, बेरला, साजा और गंडई जैसे कस्बाई व ग्रामीण क्षेत्रों को सीधे बड़े शहरों से जोड़ा जाएगा। इससे प्रतिदिन आवागमन करने वाले कर्मचारियों और विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी।
हरित इंफ्रास्ट्रक्चर से पैदा होंगे नए रोजगार
राज्य में ई-बसों के संचालन से एक टिकाऊ और हरित इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा। इसके तहत शहरों में ई-बस डिपो, चार्जिंग स्टेशन और सोलर इंटीग्रेशन के कार्य किए जाएंगे। इस पूरे ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर के तैयार होने से स्थानीय स्तर पर हरित रोजगार (Green Jobs) के नए अवसर भी पैदा होंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्र1: दुर्ग-भिलाई में कुल कितनी ई-बसें चलाई जाएंगी?
उत्तर: जिले में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत कुल 50 नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा।
प्र2: ई-बस सेवा परियोजना में क्या तकनीकी रुकावट थी?
उत्तर: चार्जिंग स्टेशन तक बिजली पहुंचाने के लिए रेलवे ट्रैक के नीचे से केबल क्रॉस कराने की अनुमति पेंडिंग थी, जो अब रेलवे से मिल चुकी है।
प्र3: क्या दुर्ग से माना एयरपोर्ट और नया रायपुर के लिए ई-बसें चलेंगी?
उत्तर: हां, दुर्ग रेलवे स्टेशन से माना एयरपोर्ट के लिए 5 और नया रायपुर के लिए 5 ई-बसें चलाने का प्रस्ताव रूट चार्ट में शामिल है।
प्र4: ई-बसों का संचालन कब शुरू होगा?
उत्तर: राज्य सरकार से नोटिफिकेशन जारी होते ही बसों की समय-सारिणी तय कर संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
प्र5: किस रूट पर सबसे ज्यादा बसें चलेंगी?
उत्तर: दुर्ग रेलवे स्टेशन से पाटन के बीच सबसे ज्यादा 7 ई-बसें चलाने का प्रस्ताव है।


