टीआरपी।
छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने राज्य में सुशासन और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। आगामी 9 फरवरी 2026 से प्रदेश के सभी संभागों और जिलों में आई-जीओटी (iGOT) कर्मयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रम की अनिवार्य शुरुआत की जा रही है।
यह पहल छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक ढांचे को अधिक नागरिक हितैषी और परिणामोन्मुखी बनाएगी। डिजिटल गवर्नेंस और व्यवहारिक प्रशासनिक कौशल से लैस होने के बाद सरकारी कर्मचारी आम जनता की समस्याओं का निराकरण अधिक तेज़ी और पारदर्शिता के साथ कर सकेंगे।
संभागवार प्रशिक्षण का शेड्यूल
सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत ने इस कार्यक्रम को शासन की शीर्ष प्राथमिकता में रखा है। मिशन कर्मयोगी के तहत आयोजित होने वाले संभाग स्तरीय प्रशिक्षण की तिथियां इस प्रकार हैं:
- रायपुर संभाग: 09 फरवरी 2026
- बस्तर संभाग: 12 फरवरी 2026
- बिलासपुर संभाग: 18 फरवरी 2026
- दुर्ग संभाग: 24 फरवरी 2026
- सरगुजा संभाग: 26 फरवरी 2026
मिशन कर्मयोगी और आई-जीओटी के फायदे
इस विशेष पहल के माध्यम से संभाग आयुक्त, जिला कलेक्टर और उनके अधीनस्थ सभी कार्यालयों के अधिकारियों को आधुनिक प्रशासनिक दक्षताओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल कार्य संस्कृति का विस्तार करना और सेवा वितरण (Service Delivery) की गुणवत्ता में सुधार करना है। यह प्लेटफॉर्म कर्मचारियों को उनकी भूमिका के आधार पर विशेष कौशल सीखने में मदद करेगा।
- प्रशिक्षण का नाम: आई-जीओटी (iGOT) कर्मयोगी प्रशिक्षण।
- अनिवार्यता: राज्य के सभी शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अनिवार्य।
- नोडल अधिकारी: अंजू सिंह (अवर सचिव, GAD)।
- उद्देश्य: पारदर्शी, उत्तरदायी और नागरिक केंद्रित प्रशासन को सुदृढ़ करना।
प्रशिक्षण के सफल संचालन के लिए नोडल अधिकारी स्वयं संभाग और जिला मुख्यालयों का दौरा करेंगी। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित तिथियों पर अनिवार्य रूप से अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें, अन्यथा इसे शासन के निर्देशों की अवहेलना माना जा सकता है।


