रायपुर। दीपावली के मौके पर दूध और दूध उत्पादों में मिलावट की बढ़ती शिकायतों के चलते छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कड़ा कदम उठाया है। गाया ब्रांड के तहत दूध और उसके उत्पाद बेचने वाली वामा डेयरी की तुमगांव स्थित फैक्ट्री में राज्य स्तरीय उड़नदस्ता टीम ने छापा मारते हुए वहां व्यापक जांच की।

छापे में क्या हुआ?

छापेमारी के दौरान खाद्य एवं औषधि प्रशासन की राज्य स्तरीय टीम के साथ महासमुंद जिला अधिकारियों की 6 सदस्यीय टीम ने फैक्ट्री से पनीर और पेड़ा के सैंपल एकत्र किए, जिन्हें अब प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। त्योहारों के इस मौसम में मिलावट रोकने की यह कार्रवाई इसलिए की गई है क्योंकि दीपावली पर मिठाई और दूध उत्पादों की मांग बढ़ जाती है, जिससे मिलावट की शिकायतें भी बढ़ने लगी हैं।

अधिकारी का बयान

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहायक आयुक्त नीतेश मिश्रा ने बताया कि छोटे विक्रेताओं ने मांग की थी कि मिलावट रोकने के लिए सीधे फैक्ट्रियों से सैंपल लेकर जांच की जाए। इसी क्रम में वामा डेयरी जैसी बड़ी फैक्ट्रियों पर छापेमारी की गई है। मिश्रा के अनुसार, इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को सुनिश्चित करना है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।