Ration to be available soon via face reading: छत्तीसगढ़ में अब राशन के लिए अंगूठा घिसने की जरूरत नहीं पड़ेगी, अब चेहरा ही आपकी पहचान बनेगा। सरकारी उचित मूल्य दुकानों में जल्द ही फेस रीडिंग (Face Authentication) से खाद्यान्न मिलने लगेगा। इसके लिए संचालक, नागरिक आपूर्ति निगम (नान) के एमडी ने खाद्य सचिव को पत्र लिखकर प्रशासकीय अनुमति मांगी है।
UIDAI और AePDS ने दी जानकारी
UIDAI और AePDS ने सभी राज्यों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर इस नई प्रणाली की जानकारी दी। बताया गया कि केंद्र सरकार ने स्मार्ट-PDS और वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC)योजना के तहत आधार प्रमाणीकरण से खाद्यान्न वितरण का प्रावधान किया है।
अभी राज्य की सभी दुकानों में ई-पॉस मशीन से फिंगरप्रिंट बायोमेट्रिक से राशन दिया जा रहा है, लेकिन ग्रामीण मजदूरों के हाथों से मेहनत के कारण उंगलियों के निशान घिस में Google Play Store से Face IT NIC DFPD ऐप डाउनलोड करना होगा और उसे ई-पॉस मशीन से सिंक करना होगा।
ग्राहक का चेहरा स्कैन होते ही सत्यापन हो जाएगा और राशन मिल जाएगा। इसका विधिवत शुभारंभ 29 सितंबर को पश्चिम बंगाल से किया जा रहा है।
UIDAI और AePDS ई-पॉस मशीन के साथ सॉफ्टवेयर को इंटीग्रेट करने का परीक्षण भी कर रहे हैं। अपग्रेड होते ही पुरानी मशीनों पर भी फेस से राशन बंटेगा।
नान एमडी ने कहा है कि बायोमेट्रिक के साथ-साथ फेस प्रमाणीकरण जल्द शुरू होना चाहिए, ताकि हितग्राहियों को आसानी हो।
FAQ —अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. छत्तीसगढ़ में राशन वितरण में क्या नया बदलाव होने जा रहा है?
— अब सरकारी उचित मूल्य दुकानों पर फिंगरप्रिंट बायोमेट्रिक के साथ-साथ फेस रीडिंग (Face Authentication) से भी खाद्यान्न मिलेगा। इसके लिए नान (नागरिक आपूर्ति निगम) के MD ने खाद्य सचिव से प्रशासकीय अनुमति मांगी है।
Q2. फेस रीडिंग सिस्टम क्यों लाया जा रहा है?
— ग्रामीण मजदूरों की उंगलियों के निशान घिस जाने, बुजुर्गों और कुष्ठ रोगियों का बायोमेट्रिक फेल होने और कई बार 2-3 बार फिंगरप्रिंट लेना पड़ने की समस्या के कारण। फेस प्रमाणीकरण से बुजुर्गों और मेहनतकश हितग्राहियों को बिना परेशानी राशन मिल सकेगा।
Q3. ये सिस्टम कैसे काम करेगा और कब से शुरू होगा?
— दुकान संचालक को Android Mobile (Version 12+) में Google Play Store से Face IT NIC DFPD ऐप डाउनलोड कर ई-पॉस मशीन से सिंक करना होगा। चेहरा स्कैन होते ही सत्यापन हो जाएगा। इसका विधिवत शुभारंभ 29 सितंबर को पश्चिम बंगाल से किया जा रहा है, और जल्द ही छत्तीसगढ़ में भी लागू होगा। UIDAI और AePDS ई-पॉस में सॉफ्टवेयर इंटीग्रेशन का परीक्षण कर रहे हैं।



