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Baloda Bajar: कोर्ट ने इस युवक को सुनाई मृत्यु तक जेल में रहने की सजा, जानिए पूरा मामला ?

Young man sentenced to life imprisonment: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। दुष्कर्म के मामले में आरोपी को मृत्यु पर्यंत कारावास व अर्थदंड से दंडित किया गया है।  दरअसल, थाना सिमगा में वर्ष 2022 में एक अवयस्क बालिका की गुमशुदगी दर्ज हुई थी, जिसमें अनुसंधान के दौरान अभियुक्त द्वारा बहला-फुसलाकर […]

Baloda Bajar: कोर्ट ने इस युवक को सुनाई मृत्यु तक जेल में रहने की सजा, जानिए पूरा मामला ?
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Young man sentenced to life imprisonment: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। दुष्कर्म के मामले में आरोपी को मृत्यु पर्यंत कारावास व अर्थदंड से दंडित किया गया है। 

दरअसल, थाना सिमगा में वर्ष 2022 में एक अवयस्क बालिका की गुमशुदगी दर्ज हुई थी, जिसमें अनुसंधान के दौरान अभियुक्त द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने व दैहिक शोषण का मामला सामने आने पर अपराध दर्ज किया गया था। माह अगस्त 2024 में अभियुक्त पीड़िता की छोटी बहन को भी झांसे में लेकर अपने साथ ले गया था। दोनों पीड़िताओं के अनुसूचित जाति वर्ग से होने के कारण मामलों में पॉक्सो एक्ट के साथ-साथ एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की कठोर धाराएं जोड़ी गईं।

पुलिस ने की तत्काल कार्रवाई

मामले में अपराध दर्ज होते ही पुलिस ने कार्रवाई तेज की। पुलिस टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों व मुखबिर की सूचनाओं के आधार पर महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में दबिश दी। योजना के तहत ऑपरेशन चलाते हुए दोनों बालिकाओं को सुरक्षित बरामद कर सकुशल परिजनों के सौंपा गया।

मजबूत सबूत बने आधार

प्रकरण की जाँच में पीड़िताओं की उम्र का निर्धारण अत्यंत निर्णायक था। पुलिस विवेचकों ने स्कूल के मूल दाखिल-खारिज (प्रवेश) रजिस्टर व शैक्षणिक प्रगति पत्रों को जब्त कर न्यायालय में पेश किया, जिसे अदालत ने प्राथमिक साक्ष्य माना।

फोरेंसिक व मेडिकल सबूत

पीड़िताओं की सहमति से डॉक्टरी मुलाहिजा, स्लाइड/स्वाइब संकलन व आवश्यक जब्ती की प्रक्रिया पूरी कर केस को वैज्ञानिक रूप से सुदृढ़ किया गया।

समयबद्ध चालान व सतत पैरवी

जाँच अधिकारियों द्वारा निर्धारित समयावधि के भीतर अभियोग पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया गया। विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर अदालत में साक्ष्यों को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया।

आरोपी का विवरण

सनत साहू, पिता गोकुल साहू, उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम कचलोन, थाना सिमगा, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा।

न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा

1. विशेष प्रकरण 71/2024 (अपराध क्रमांक 443/2022, थाना सिमगा)

• दोषसिद्धि: भा.दं.सं. धारा 363, 366, 376(2)(n), पॉक्सो एक्ट धारा 5(L)/6 एवं एससी/एसटी एक्ट धारा 3(2)(v)

• दंडादेश: आजीवन कारावास (एससी/एसटी एक्ट), 20 वर्ष का कठोर कारावास (पॉक्सो एक्ट), 05 वर्ष कठोर कारावास (धारा 366 भादंसं), 03 वर्ष कठोर कारावास (धारा 363 भादंसं) एवं अर्थदंड। (सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी)

2. विशेष प्रकरण 72/2024 (अपराध क्रमांक 293/2024, थाना सिमगा)

• दोषसिद्धि: बी.एन.एस. धारा 137(2), 87, 65(1), पॉक्सो एक्ट धारा 4(2) एवं एससी/एसटी एक्ट धारा 3(2)(v)

• दंडादेश: आजीवन कारावास (एससी/एसटी एक्ट), 20 वर्ष का कठोर कारावास (पॉक्सो एक्ट), 05 वर्ष कठोर कारावास (धारा 87 बीएनएस), 03 वर्ष कठोर कारावास (धारा 137(2) बीएनएस) एवं अर्थदंड। (सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी)

न्यायालय द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), बलौदाबाजार को पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के तहत पीड़िताओं को क्षतिपूर्ति राशि प्रदाय करने का भी आदेशित किया गया है।

पुलिस की जनता से अपील

बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने आम नागरिकों व पालकों से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा व गतिविधियों पर विशेष ध्यान रखें। किसी भी बच्चे के लापता होने या संकटग्रस्त होने की स्थिति में तत्काल निकटतम थाने अथवा डायल-112 पर सूचना दें।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल 

Q1. बलौदाबाजार में किसे मृत्यु तक जेल की सजा मिली है?

— आरोपी का नाम *सनत साहू (23 वर्ष), पिता गोकुल साहू, निवासी ग्राम कचलोन, थाना सिमगा, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा* है। कोर्ट ने दो नाबालिग बहनों के अपहरण और दुष्कर्म के दो अलग-अलग मामलों में इसे मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

Q2. कोर्ट ने कौन-कौन सी धाराओं में सजा सुनाई है?

— दो विशेष प्रकरणों में सजा हुई है। प्रकरण 71/2024 में IPC 363, 366, 376(2)(n), पॉक्सो एक्ट 5(L)/6 और SC/ST एक्ट 3(2)(v) तथा प्रकरण 72/2024 में BNS 137(2), 87, 65(1), पॉक्सो एक्ट 4(2) और SC/ST एक्ट 3(2)(v) में दोषी पाया गया। इसमें SC/ST एक्ट में आजीवन कारावास और पॉक्सो में 20-20 साल की सजा सहित अर्थदंड लगाया गया है।

Q3. पूरा मामला क्या है और पुलिस ने क्या किया?

— 2022 में बड़ी बहन और अगस्त 2024 में छोटी बहन के अपहरण का मामला सिमगा थाने में दर्ज हुआ था। पुलिस ने महाराष्ट्र में दबिश देकर दोनों को सुरक्षित बरामद किया। स्कूल रजिस्टर से उम्र का सबूत, मेडिकल-फोरेंसिक रिपोर्ट और समय पर चालान पेश करने से केस मजबूत हुआ, जिसके बाद विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी की पैरवी पर कोर्ट ने सजा सुनाई और DLSA को पीड़िताओं को क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया।

Shami Imam
लेखक / पत्रकार:

Shami Imam

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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