छत्तीसगढ़ रेरा का बिल्डर्स पर कड़ा एक्शन

टीआरपी। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (सीजी रेरा) ने प्रदेश के आम नागरिकों, आवंटियों और प्रमोटरों को ठगों से सुरक्षित रखने के लिए साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सतर्कता एडवाइजरी जारी की है। प्राधिकरण के संज्ञान में आया है कि कुछ अज्ञात और अनधिकृत व्यक्ति खुद को रेरा का अधिकारी या कर्मचारी बताकर लोगों से पैसों की मांग कर रहे हैं।

यह चेतावनी छत्तीसगढ़ के उन हजारों लोगों के लिए बेहद जरूरी है जो घर, जमीन या किसी प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री से जुड़े हैं। रेरा के नाम पर होने वाली इस ठगी से न सिर्फ लोगों की गाढ़ी कमाई डूबने का खतरा है, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े कारोबारियों की साख को भी नुकसान पहुंच रहा है। समय रहते इस अलर्ट को समझकर नागरिक अपने बैंक खातों और निजी जानकारियों को सुरक्षित रख सकते हैं।

सीजीरेरा प्रबंधन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले को स्पष्ट किया है। प्राधिकरण ने दोटूक शब्दों में कहा है कि सीजीरेरा द्वारा कभी भी किसी भी प्रकार की सरकारी या विनियामक राशि को किसी के व्यक्तिगत बैंक खाते, मोबाइल नंबर, यूपीआई (UPI) या अन्य किसी निजी माध्यम से जमा कराने के निर्देश नहीं दिए जाते हैं। रेरा से जुड़े सभी तरह के वैधानिक भुगतान केवल सरकार द्वारा अधिकृत और निर्धारित आधिकारिक माध्यमों से ही स्वीकार किए जाते हैं।

प्राधिकरण ने छत्तीसगढ़ के नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके पास रेरा अधिकारी बनकर किसी भी तरह का संदिग्ध कॉल, मैसेज या पैसों की मांग आती है, तो वे तुरंत सतर्क हो जाएं। 27 मई 2026 को जारी इस निर्देश में कहा गया है कि आम जनता अपनी बैंकिंग डिटेल्स, ओटीपी (OTP) या कोई भी अन्य व्यक्तिगत जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करे। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या ठगी के प्रयास का शिकार होने पर नागरिक इसकी शिकायत तत्काल साइबर सेल या अपने नजदीकी पुलिस थाने में दर्ज कराएं।

खुद को रेरा (RERA) का अधिकारी या कर्मचारी बताकर लोगों से सीधे पैसों की मांग करने वाले फर्जी कॉल और मैसेज के बाद यह एडवाइजरी जारी हुई है।

सीजी रेरा से जुड़े सभी प्रकार के लेन-देन केवल अधिकृत एवं निर्धारित आधिकारिक माध्यमों से ही मान्य होते हैं, किसी निजी यूपीआई या खाते में नहीं।

इस आधिकारिक चेतावनी के बाद अब पुलिस की साइबर सेल टीम रेरा के नाम पर सक्रिय इन फर्जी कॉलर्स और ठगों के गिरोह को ट्रेस करने में जुट गई है। प्राधिकरण आने वाले दिनों में अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर भी इस सुरक्षा अलर्ट को प्रमुखता से फ्लैश करेगा ताकि लोग झांसे में न आएं।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
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