CG. School News -MLA बृजमोहन ने पूछा, विद्यालयों की जर्जर स्थिति में कैसे करेंगे पढ़ाई ?
CG. School News -MLA बृजमोहन ने पूछा, विद्यालयों की जर्जर स्थिति में कैसे करेंगे पढ़ाई ?

टीआरपी डेस्क

रायपुर। वरिष्ठ विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने प्रदेश की स्कूलों की दशा और व्याप्त अव्यवस्था पर भूपेश सरकार पर आरोप लगाया है। प्रदेश में स्कूली शिक्षा की बेहतरी के दावों का जमीनी सच पूरी तरह झूठ से प्रेरित बताया है। आज राज्य में सोमवार से नए शिक्षा सत्र की शुरुआत हुई है। ऐसे में बीजेपी विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने जर्जर स्कूल भवन, सुविधाओं के अभाव, शिक्षकों की कमी और स्कूल तक पहुंचने की दिक्कतों के बीच शाला प्रवेश को लेकर तंज कसा। जांजगीर-चाँपा जिले में समग्र शिक्षा योजना के तहत स्कूलों की मरम्मत के लिए मार्च माह में राशि जारी होने के बावजूद जांजगीर-चांपा जिले की 23 और सक्ती जिले की 36 (कुल 59) स्कूलों की मरम्मत का काम अब तक पूरा नहीं हुआ है। दो दर्जन से ज्यादा स्कूलों की मरम्मत का काम अब तक अधूरा है। ताराशिव में गत 23 जनवरी को भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में ही यह घोषणा की गई थी जिसका अब तक अता-पता नहीं है।

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श्री अग्रवाल ने खुलासा किया कि प्रदेश में 30 हजार से अधिक स्कूल जर्जर हैं जिसका जीर्णोद्धार सरकार ने नहीं किया है। पिछले साढ़े चार साल में उन्होंने स्कूल के मरम्मत व मेंटनेंस में कोई ध्यान नहीं दिया। जिसका परिणाम अब सामने है। श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार गुणवत्तायुक्त शिक्षा के दावे करके डींगे तो हाँक रही है लेकिन प्रदेशभर में शिक्षा की बुनियादी जरूरतों और सुविधाओं के प्रति सरकार पूरी तरह उदासीन है। राजधानी से लगे ताराशिव में ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के बावजूद हायर सेकेंडरी स्कूल नहीं खोलना प्रदेश सरकार के दावों की पोल तो खोल ही रहा है, साथ ही मुख्यमंत्री के उस दावे की धज्जियां भी उड़ा रहा है जिसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में की गई घोषणाओं से पूरा होने का दावा आँकड़ों के साथ किया था।

रायपुर में सैकड़ो स्कूल के मरम्मत के लिए राशि जारी की गई है, पर एक भी स्कूल का मरम्मत नहीं हो पाया है। दुर्भाग्य जनक स्थिति तो यह है कि इसके लिए एजेंसी स्मार्ट सिटी को बनाया गया है ,जो अपना खुद का कार्य निगम से करवा रहा है । ऐसे ही हालात में सोमवार से शुरू नए शिक्षा सत्र में विद्यार्थियों और शिक्षकों को होने वाली परेशानियों से प्रदेश सरकार बेफिक्र है।

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बिलासपुर जिले में जिन जर्जर शाला भवनों की मरम्मत का काम चल रहा है, वहां विद्यार्थियों के बैठने तक की कोई व्यवस्था नहीं है। तोड़फोड़ के चलते धूल उड़ेगी और उसके बीच बच्चे पढ़ाई करने को विवश होंगे। जिले की 907 स्कूलों में बिजली की व्यवस्था नहीं है, वहीं 728 स्कूलों में बिजली कनेक्शन तो है लेकिन बिजली आपूर्ति बाधित है, 731 स्कूलों में बाउंड्री वाल नहीं है और वहाँ हमेशा नशेड़ियों का जमघट तथा मवेशियों का जमावड़ा रहता है। छात्राओं के टॉयलेट तक की व्यवस्था नहीं है। ज्यादा चिंताजनक स्थिति तो राजधानी के आनंद नगर में है। यहाँ नगर निगम ने मकानों के सामने 8 फीट गहरा और इतना ही चौड़ा नाला खोदकर छोड़ दिया है, इसके चलते रविवार को हुई बारिश से नाला मकान की तरफ धसकने लगा। 400 मीटर तक सड़क कीचड़ से लथपथ है। नाला धसकने से वहां के रहवासी चिंतित हैं और बुजुर्ग लगभग पखवाड़ेभर से घरों में कैद हैं! लेकिन अहम सवाल यह है कि ऐसी स्थिति में इन घरों के बच्चे अभी स्कूल कैसे जाएंगे?

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।