Chhattisgarh Teacher Recruitment: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वर्ष 2023 में जारी 12,489 शिक्षकों की भर्ती के विज्ञापन में लागू आरक्षण रोस्टर को निरस्त कर दिया है। यह फैसला 60 प्रतिशत से अधिक आरक्षण व्यवस्था को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के बाद आया। जस्टिस एके प्रसाद ने याचिका स्वीकार करते हुए आरक्षण रोस्टर को निरस्त किया। हालांकि, अदालत ने पूरी भर्ती प्रक्रिया तत्काल रद्द करने या पहले से नियुक्त शिक्षकों को तुरंत सेवा से हटाने का आदेश नहीं दिया है।
भर्ती प्रक्रिया और नियुक्त शिक्षकों पर क्या होगा असर?
हाईकोर्ट के फैसले के मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से रद्द नहीं होगी। पहले से नियुक्त शिक्षकों को भी तुरंत हटाने का आदेश नहीं दिया गया है। उनकी नियुक्ति की स्थिति और भविष्य में होने वाले प्रमोशन से जुड़े मामलों पर सुप्रीम कोर्ट में लंबित प्रकरण के परिणाम के बाद फैसला लिया जाएगा। इसलिए आरक्षण रोस्टर निरस्त होने के बावजूद भर्ती और नियुक्तियों से जुड़े आगे के फैसलों के लिए सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले का परिणाम अहम रहेगा।
2023 में जारी हुआ था 12,489 पदों पर भर्ती का विज्ञापन
राज्य शासन ने 4 मई 2023 को सहायक शिक्षक, शिक्षक और व्याख्याता के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। भर्ती प्रक्रिया छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) के माध्यम से आयोजित की गई थी। इस भर्ती में सरगुजा और बस्तर संभाग सहित प्रदेश के अलग-अलग जिलों के लिए आरक्षण रोस्टर निर्धारित किया गया था। इसमें 29 नवंबर 2012 को जारी आरक्षण अधिसूचना और उसके आधार पर तैयार मॉडल रोस्टर लागू किया गया था।
आरक्षण रोस्टर को क्यों दी गई थी चुनौती?
भर्ती में लागू आरक्षण व्यवस्था 60 प्रतिशत से अधिक होने के आधार पर याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में इसे चुनौती दी थी। उन्होंने 29 नवंबर 2012 की अधिसूचना और उसके आधार पर तैयार मॉडल रोस्टर पर सवाल उठाते हुए अदालत से हस्तक्षेप की मांग की थी। अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद अभ्यर्थियों और पहले से नियुक्त शिक्षकों की नजर सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले के अंतिम परिणाम पर रहेगी।



