रायपुर। छत्तीसगढ़ में IAS अधिकारियों के स्वागत और विदाई कार्यक्रम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब प्रशासनिक फेरबदल पर आकर खत्म हुआ है। सोशल मीडिया पर तीव्र आलोचना के बाद जहां उच्च शिक्षा विभाग को कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा, वहीं अब विभाग के प्रमुख अधिकारी IAS जे.पी. पाठक का तबादला भी कर दिया गया है। उन्हें वन विभाग में भेजा गया है।

यह पूरा घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब रायपुर के एक पांच सितारा होटल में वरिष्ठ IAS अधिकारी प्रसन्ना आर. की विदाई और नए उच्च शिक्षा सचिव डॉ. एस. भारती दासन के स्वागत के लिए एक समारोह की योजना बनाई गई थी। इसका निमंत्रण पत्र जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो इसे लेकर सरकार पर फिजूलखर्ची और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग के आरोप लगने लगे।

सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना

पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों समेत वरिष्ठ अधिवक्ता कनक तिवारी ने भी समारोह के आयोजन स्थल और भव्यता पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि आयुक्त उच्च शिक्षा के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और खर्च सरकार का विभाग कर ही नहीं सकता। तबादला तो नौकरी का अनिवार्य हिस्सा है! उसे शुभ अवसर कह दिया। आयुक्त शिक्षा को भाषा आती है कि नहीं? आती है। दोनों अधिकारियों के खिलाफ भी नोटिस जानी चाहिए सरकार की।

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आलोचनाओं को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने कार्यक्रम को ‘अपरिहार्य कारणों’ से स्थगित करने की घोषणा की। हालांकि आधिकारिक रूप से इसके पीछे की वजह नहीं बताई गई, पर माना जा रहा है कि जनता की तीखी प्रतिक्रिया और मीडिया दबाव के चलते यह निर्णय लिया गया।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।