छत्तीसगढ़ः 4 साल में 13 से अधिक सेक्टर्स में हुए 189 MOU, 1 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार

रायपुर। प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने और नए रोजगार पैदा करने 2019 से लेकर अब तक 4 सालों में 13 से अधिक सेक्टर्स में कुल 189 एमओयू हुए हैं। जिसमें कुल प्रस्तावित निवेश 92429.71 करोड़ रुपए का बताया जा रहा है। साथ ही इससे प्रदेश में 1, 13, 444 लोगों को रोजगार मिलने की सम्भावनाएं जताई जा रही हैं।

बता दें की प्रदेश में 2018 में चुनाव के बाद कांग्रेस की सरकार बने के साथ ही नई उद्योग नीति बनाई गई है। जिसका उद्देश्य स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध करना है। छत्तीसगढ़ की उद्योग निति 2019 – 2024 के तहत स्टील सेक्टर में सबसे अधिक 102 एमओयू हुए हैं। जिसके तहत 61, 688 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। पिछले 4 सालों की बात करें तो छत्तीसगढ़ में डिफेन्स सेक्टर में भी 5 एमओयू हुए हैं।

इन सेक्टर्स में हुआ निवेश

छत्तीसगढ़ में निवेश की बात करें तो अब तक 189 एमओयू के माध्यम से 92429.71 करोड़ की राशि निवेश के लिए प्रस्तावित है। इसमें 113444 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाना है। सरकार द्वारा अब तक सब से अधिक स्टील सेक्टर में कुल 102 एम ओ यू किया गया है। जिसमे 61688 करोड़ निवेश प्रस्तावित है जिसके माध्यम से 78232 लोगों को रोजगार मिलना है।

See also  केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी के इस बयान पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का ये पलटवार

प्रदेश में स्टील के बाद एथेनॉल सेक्टर में सबसे ज्यादा एमओयू हुए हैं। मिली जानकारी के अनुसार इस सेक्टर में टोटल 29 प्रोजेक्ट आने हैं। जिसके लिए लगभाग 5274.79 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। साथ ही 3976 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।

तीसरे बड़े सेक्टर की बात करते तो सोलर सेक्ट में 10 प्रोजेक्ट के लिए एमओयू हुए हैं। जिससे करी 7690.80 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। साथ ही 4145 लोगों को रोजगार के साथ जोड़ा जाएगा। सीमेंट सेक्टर में 8 प्रोजेक्ट 9538 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। जिससे 6389 लोगों को रोजगार मिलने की संभावनाएं हैं।

फ़ूड सेक्टर में 6 एमओयू के साथ लगभग 475 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। इससे 1890 लोगों को नौकरियां मिल सकेंगी। पहली बार प्रदेश में डिफेंस के क्षेत्र में भी 5 एमओयू किए गए है। जिसके तहत 600. 45 करोड़ का निवेश होना है। 4629 लोगों को जॉब मिल सकती है।

छत्तीसगढ़ अपने वनों के लिए प्रसिद्ध है। इसमें लघु वनोपज के 4 प्रोजेक्ट लगने हैं जिसमें 38.64 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। जहां 265 लोगों को रोजगार मिल सकेगा। फार्मास्यूटिकल के 3 प्रोजेक्ट में 56.41 करोड़ के निवेश प्रस्तावित हैं और कामगारो की संख्या लगभग 393 रहेगी। टेक्सटाइल्स के 3 प्रोजेक्ट के 60.80 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। जहां 580 लोगों को रोजगार मिलेगा।

See also  रायपुर के गणेश पंडाल में दिखेगा चंद्रयान 3 की सॉफ्ट लैंडिंग

इलेक्ट्रॉनिक्स के 2 प्रोजेक्ट में 54.05 के निवेश से 528 लोगों, जुट बैग के 2 प्रोजेक्ट में 228.47 करोड़ के माध्यम से 6425 लोगों, प्लास्टिक के 1 प्रोजेक्ट में 107.73 करोड़ के निवेश से 200 लोगों , जेम्स एन्ड ज्वेलरी के 1 प्रोजेक्ट के लिए 125 करोड़ में 1350 लोगों , और अन्य अवर्गीकृत सेक्टर के 13 एमओयू में कुल 6491.57 करोड़ का निवेश किया जाना तय हुआ है जिसके माध्यम से लगभग 4442 लोगों को रोजगार देने की तयारी है। जिसमें नियमतः 130 से अधिक प्रोजेक्ट में काम शुरू किया जा चूका है और लगभग 19 से अधिक में प्रोडक्शन प्रोडक्शन भी शुरू कर चुके है।

पहली बार डिफेंस सेक्टर्स में भी होगा काम

छत्तीसगढ़ की उद्योग नीति 2019 – 2024 में पहली बार डिफेंस सेक्टर में काम किया जा रहा है। जिसमें अभी तक कुल 5 एमओयू किये गए है। और लगभग 600. 45 करोड़ तक का निवेश प्रस्तावित है। इन पांचों प्रोजेक्ट में से 2 प्रोडक्शन में आ चुके हैं। गौरतलब है की इन पांच में से एक कंपनी मेसर्स एटमास्टको लिमिटेड दुर्ग में स्थापित की जा रही है। इसके तहत जवानों के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट बनाया जायेगा जो की अभी निर्माणधीन है।

See also  Chhattisgarh CBG Policy: पराली और कचरे से मालामाल होंगे किसान, छत्तीसगढ़ सरकार लाई अनोखी योजना, मिला बड़ा फंड

वहीं एक अन्य कंपनी मेसर्स एरोएवन एविऑनिक्स प्राइवेट लिमिटेड ड्रोन बनाने का काम करेंगी। जिसकी प्रोडक्शन यूनिट नया रायपुर में काम कर रही है। कंपनी सेना को आपन ड्रोन बेचने की तैयारी में है। इस यूनिट के शुरू होने के बाद लगभग 4137 लोगो को रोजगार मिलने की सम्भावना है। वही मे. प्रगति डिफेन्स की बात करे तो ये बुलेट प्रूफ जैकेट बनाने के क्षेत्र में आपने काम बिलासपुर यूनिट से शुरू कर चुके हैं। जिसमे लगभग 20 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू
 पर

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।