BSP protests against ZP CEO: अनुसूचित जनजाति समुदाय के पंचायत सचिव के साथ कथित जातिगत दुर्व्यवहार का मामला अब तूल पकड़ रहा है। बहुजन समाज पार्टी ने जिला पंचायत CEO संदीप अग्रवाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। BSP ने CEO पर एफआईआर दर्ज करने, निलंबन और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
BSP कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में अंबेडकर चौक से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट के बाहर धरना दिया और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने 7 दिन के भीतर कार्रवाई न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
क्या है पूरा विवाद ?
विवाद की शुरुआत 24 अप्रैल को सकरी स्थित वन चेतना केंद्र की बैठक से हुई। ग्राम पंचायत नगोई के सचिव तुलसी कुमार ध्रुव का आरोप है कि बैठक के दौरान CEO संदीप अग्रवाल ने पहले उनका उपनाम पूछा और फिर उन्हें बैठक से बाहर जाने को कह दिया।
तुलसी ध्रुव ने इसे जातिगत अपमान बताते हुए कलेक्टर, वरिष्ठ अधिकारियों और SC-ST आयोग में शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि शिकायत के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला।
शिकायत के बाद निलंबन का आरोप
तुलसी ध्रुव का आरोप है कि शिकायत के बाद CEO ने नगोई पंचायत के कार्यों की जांच के लिए 8 सदस्यीय टीम बनाई। इसे उन्होंने शिकायत का बदला बताया। इसके बाद 13 जुलाई को उन्हें कारण बताओ नोटिस मिला। 27 जुलाई को जवाब देने के बाद 3 अगस्त को उन्हें निलंबित कर दिया गया। उनका आरोप है कि शिकायत के बाद से लगातार उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।
BSP की मांग और पंचायत नियमों पर सवाल
BSP नेताओं ने पंचायत राज अधिनियम और पंचायत निरीक्षण नियमों का हवाला देते हुए जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए। पार्टी की मांग है:
- SC-ST एक्ट के तहत CEO के खिलाफ एफआईआर
- तत्काल निलंबन
- मामले की निष्पक्ष जांच
CEO ने सभी आरोपों को बताया बेबुनियाद
दूसरी ओर जिला पंचायत CEO संदीप अग्रवाल ने आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि बैठक में कई अधिकारी मौजूद थे और कोई जातिसूचक टिप्पणी नहीं की गई।
उन्होंने बताया कि शिकायत पहले ही ST आयोग तक पहुंच चुकी है और पुलिस अधीक्षक के माध्यम से जांच भी हो चुकी है।
FAQ: जिला पंचायत सीईओ के खिलाफ प्रदर्शन
सवाल: BSP किसके खिलाफ प्रदर्शन कर रही है?
बिलासपुर जिला पंचायत के CEO संदीप अग्रवाल के खिलाफ।
सवाल: आरोप क्या है?
ST समुदाय के पंचायत सचिव तुलसी कुमार ध्रुव से बैठक में जातिगत दुर्व्यवहार और उन्हें बाहर निकालने का आरोप।
सवाल: BSP की मुख्य मांग क्या है?
CEO पर SC-ST एक्ट में FIR, निलंबन और निष्पक्ष जांच।
सवाल: CEO का क्या कहना है?
CEO ने आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि SC-ST आयोग से जांच हो चुकी है।
सवाल: BSP ने क्या चेतावनी दी?
7 दिन में कार्रवाई न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।


