Bilaspur High Court notice to Surajpur Zila Panchayat CEO over contempt of court
कोर्ट के आदेशों की लगातार अनदेखी पर बिलासपुर हाई कोर्ट ने सूरजपुर जिला पंचायत CEO को नोटिस जारी किया है।

Chhattisgarh High Court: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सूरजपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट के आदेशों का लगातार पालन नहीं करने और तय तारीख पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होने पर हाई कोर्ट ने CEO को नोटिस जारी किया है।

कोर्ट ने पूछा है कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव को पूरे मामले पर व्यक्तिगत शपथपत्र दाखिल कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 1 सितंबर 2026 को होगी।

क्या है पूरा मामला?

मामला आरती दुबे मिश्रा बनाम छत्तीसगढ़ शासन से जुड़ा है। 30 नवंबर 2022 को सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने सूरजपुर जिला पंचायत के CEO को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का निर्देश दिया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान CEO की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद 28 अप्रैल 2026 को हुई सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार के अधिवक्ता को CEO से निर्देश लेने को कहा था। इसके बावजूद मामले में अपेक्षित जवाब नहीं आया।

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5 अगस्त को भी कोर्ट में नहीं पहुंचे CEO

हाई कोर्ट ने 28 जुलाई 2026 को फिर नोटिस जारी किया। इसमें CEO को 5 अगस्त 2026 को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। निर्धारित तारीख पर CEO न तो कोर्ट में उपस्थित हुए और न ही उनकी ओर से कोई जवाब दाखिल किया गया। लगातार आदेशों के पालन नहीं होने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई।

कोर्ट ने कहा- आदेशों की अनदेखी गंभीर

याचिका की सुनवाई जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की सिंगल बेंच में हुई। कोर्ट ने कहा कि जिला पंचायत सूरजपुर के CEO जैसे लोक अधिकारी ने कोर्ट के आदेशों से जानबूझकर बचने का प्रयास किया है। इसी को लेकर कोर्ट ने CEO को नोटिस जारी कर पूछा कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू की जाए।

प्रमुख सचिव से मांगा व्यक्तिगत शपथपत्र

हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के अधिवक्ता को आदेश की जानकारी CEO के साथ-साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव को देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के मामलों की जानकारी कई बार उसके संज्ञान में लाई गई है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में प्रमुख सचिव को व्यक्तिगत शपथपत्र दाखिल कर पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट करनी होगी। अब मामले की अगली सुनवाई 1 सितंबर 2026 को होगी। उस सुनवाई में कोर्ट के सामने CEO और विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने की उम्मीद है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।