Chhattisgarh CM Helpline: छत्तीसगढ़ में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के निराकरण को लेकर मुख्य सचिव IAS विकासशील ने सभी विभागों को गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। राज्य में अब तक करीब 2 लाख शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।
मंत्रालय महानदी भवन में मंगलवार को हुई राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों से जरूरत के अनुसार समस्याओं का भौतिक सत्यापन कराने और नागरिकों को वास्तविक राहत दिलाने पर जोर दिया। बैठक में धान खरीदी नीति, जल जीवन मिशन, डिजिटल क्रॉप सर्वे समेत कई विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी हुई।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर भौतिक सत्यापन के निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि शिकायतों का निराकरण केवल औपचारिकता बनकर नहीं रहना चाहिए। विभागों को शिकायत की गंभीरता समझते हुए उसके वास्तविक स्वरूप की जांच करनी होगी। जरूरत पड़ने पर अधिकारी मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन कराएं। उन्होंने शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग करने और समाधान की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश भी दिए। जोर इस बात पर रहा कि कार्रवाई का उद्देश्य केवल शिकायत बंद करना नहीं, बल्कि संबंधित नागरिक की समस्या का वास्तविक समाधान होना चाहिए।
धान खरीदी नीति और जल जीवन मिशन की तैयारियों की समीक्षा
बैठक में आगामी धान खरीदी के लिए नीति तैयार करने पर चर्चा हुई। संबंधित विभागों को जरूरी बिंदुओं की समीक्षा कर कमियां दूर करने और कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए। जल जीवन मिशन से जुड़े नीति के शेष बिंदुओं को समय पर पूरा करने और जल उपयोगिता से संबंधित विषयों पर भी ध्यान देने को कहा गया।
डिजिटल क्रॉप सर्वे और नियामकीय विषयों पर चर्चा
मुख्य सचिव IAS विकासशील की अध्यक्षता में हुई बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा प्लानिंग एरिया में अनुमति, टीएसपी एक्ट और संबंधित प्रावधानों पर भी चर्चा हुई।
पारस पोर्टल और आधारभूत परियोजनाओं को गति देने पर जोर
बैठक में पारस पोर्टल के एजेंडा बिंदुओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों को आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं को अनावश्यक देरी के बिना आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। जल जीवन मिशन और अमृत 2.0 सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही पेंशन और प्रशिक्षण से जुड़े विषयों की समीक्षा की गई।
कर्मचारी चयन मंडल को समय पर भेजने होंगे भर्ती प्रस्ताव
मुख्य सचिव IAS विकासशील ने विभागों को कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया के लिए अपनी जरूरतें और प्रस्ताव समय पर भेजने को कहा। उन्होंने विभागीय प्रस्तावों का सावधानीपूर्वक परीक्षण करने के निर्देश भी दिए। बैठक में सेवा सेतु, नियामकीय प्रावधानों और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे से बाहर रह गई प्रेडिसेसर सर्विसेज को इसके अंतर्गत लाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
नवा रायपुर के बॉटनिकल गार्डन और जंगल सफारी पर भी चर्चा
नवा रायपुर में प्रस्तावित बॉटनिकल गार्डन के विकास और प्रबंधन को लेकर भी बैठक में विचार-विमर्श हुआ। इसमें आधुनिक तकनीक, लैंडस्केपिंग, हरित क्षेत्र के प्रबंधन और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाओं से जुड़े पहलुओं का अध्ययन कर उपयोगी व्यवस्थाएं अपनाने पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने बॉटनिकल गार्डन के सुनियोजित विकास, आकर्षक स्वरूप और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। जंगल सफारी के प्रबंधन, संचालन और सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में ये वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इनमें मनीष कुमार ठाकुर, सोनमणि बोरा, पी. दयानंद, राहुल भगत, मुकेश कुमार, रजत कुमार, रीना बाबा साहेब कंगाले, डॉ. रोहित यादव, अंकित आनंद, शम्मी आबिदी, बसवराजु एस., सिद्धार्थ कोमल परदेशी, अविनाश चम्पावत, अमित कटारिया, मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, नेहा चम्पावत, राजेश सुकुमार टोप्पो, हिमशिखर गुप्ता, एस. प्रकाश, डॉ. एस. भारतीदासन, यशवंत कुमार और डॉ. सारांश मित्तर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



