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रायपुर। ED ने छत्तीसगढ़ में डिप्टी सचिव सौम्या चौरसिया, IAS समीर बिश्नोई और सूर्यकांत तिवारी समेत दूसरे आरोपियों की ₹152.31 करोड़ की संपत्ति मनी लॉड्रिंग मामले में अटैच कर दी है। यह कारवाई 25 रुपये प्रति टन कोयले पर कमीशन(सरकारी एक्सटॉर्शन) मामले में की गयी है। शनिवार को इस मामले में सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दिया गया है।

यहां है ये संपत्तियां

  • दुर्ग जिले के हिर्री, पोतिया और सेवती में 63.38 एकड़ कृषि भूमि।
  • रायपुर के आरंग और रसनी में 10 एकड़ कृषि भूमि।
  • दुर्ग के ठकुराइनटोला में 12 एकड़ की व्यावसायिक भूमि।
  • फार्म हाउस आदि

बता दें कि ईडी ने छत्तीसगढ़ में कथित कोयला लेवी घोटाले से जुड़े धनशोधन के एक मामले में कल एक विशेष अदालत में अभियोजन परिवाद पेश किया। ईडी ने इस मामले में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के एक अधिकारी तथा तीन अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है।

ईडी के अधिवक्ता सौरभ पांडेय के अनुसार निदेशालय ने अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत की अदालत में धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आठ हजार पन्नों का अभियोजन परिवाद प्रस्तुत किया।

पांडेय ने बताया कि इसमें आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई, कोयला व्यापारी सूर्यकांत तिवारी, लक्ष्मीकांत तिवारी और एक अन्य व्यवसायी सुनील अग्रवाल को आरोपी बनाया गया है। ईडी ने परिवाद में उल्लेख किया है कि वरिष्ठ अधिकारियों, व्यापारियों, राजनेताओं और बिचौलियों से जुड़े एक गिरोह द्वारा राज्य में कोयला परिवहन के लिए 25 रुपये प्रति टन की अवैध उगाही की जा रही थी।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।