Chhattisgarh Forest Department Employees Regularization: छत्तीसगढ़ में वन विभाग के 7 हजार दैवेभो कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए बड़ी खबर,पढ़ें पूरी खबर किसे मिलेगा लाभ
Chhattisgarh Forest Department Employees Regularization: छत्तीसगढ़ में वन विभाग के 7 हजार दैवेभो कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए बड़ी खबर,पढ़ें पूरी खबर किसे मिलेगा लाभ

रायपुर। छत्तीसगढ़ के वन एवं पर्यावरण विभाग में लंबे समय से नियमितीकरण का इंतजार कर रहे करीब 7,000 दैनिक वेतनभोगी (दैवेभो) और आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले कार्यभारित कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। शासन ने इन कर्मचारियों के नियमितीकरण और स्थाईकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है।

प्रस्ताव के अनुसार, 10 वर्ष या उससे अधिक समय से कार्यरत 3,630 कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाएगा। वहीं, 10 वर्ष से कम सेवा अवधि वाले कर्मचारियों को स्थाईकरण का लाभ दिए जाने की प्रक्रिया होगी। पहले चरण में 966 तृतीय श्रेणी और 2,664 चतुर्थ श्रेणी पदों पर कार्यरत कुल 3,630 कर्मचारियों के नियमितीकरण का रास्ता साफ किया जा रहा है।

GAD की सहमति के बाद बनी चार सदस्यीय समिति

सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) से सहमति मिलने के बाद अब कर्मचारियों की सेवा शर्तों और भर्ती नियमों का प्रारूप तैयार करने के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपनी होगी। रिपोर्ट मिलने के बाद शासन स्तर पर नियमों को अधिसूचित करने और नियमितीकरण की आगे की वैधानिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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1998 के बाद से कार्यरत कर्मचारियों के लिए प्रस्ताव

वन विभाग ने 1 जनवरी 1998 के बाद से कार्यभारित एवं आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए भर्ती तथा सेवा शर्तें नियम, 2024 लागू करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। अब इसी प्रस्ताव के आधार पर नियमों और अधिसूचना का प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

चार सदस्यीय समिति करेगी नियमों का परीक्षण

अधिसूचना का प्रारूप तैयार करने के लिए जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव अमिताभ बाजपेयी की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। समिति में मुख्य वन संरक्षक, रायपुर वृत्त मणिवासगन एस. और वनमंडलाधिकारी, गरियाबंद मयंक पाण्डेय को सदस्य बनाया गया है। वहीं, उप वन संरक्षक रौनक गोयल समिति के सदस्य सचिव होंगे।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय के आदेश के अनुसार समिति को कर्मचारियों की भर्ती, सेवा शर्तों और संबंधित नियमों के सभी पहलुओं का परीक्षण करना होगा।

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इसके बाद समिति अधिसूचना का प्रारूप तैयार कर 15 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। समिति की रिपोर्ट के बाद शासन स्तर पर आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

2024 में 48 दिन तक चली थी कर्मचारियों की हड़ताल

वन विभाग में बड़ी संख्या में कर्मचारी लंबे समय से दैनिक वेतन और अन्य अस्थायी व्यवस्थाओं के तहत काम कर रहे हैं। वर्षों तक सेवा देने के बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों जैसी सेवा सुरक्षा और स्थायित्व नहीं मिलने का मुद्दा लंबे समय से उठता रहा है।

नियमितीकरण की मांग को लेकर इन कर्मचारियों ने 2024 में 48 दिनों तक हड़ताल भी की थी। अब सरकार की ओर से प्रक्रिया शुरू होने के बाद कर्मचारियों में नियमितीकरण और स्थाईकरण को लेकर उम्मीद बढ़ गई है।

किसे मिलेगा क्या लाभ

10 वर्ष या उससे अधिक सेवा: 3,630 कर्मचारियों का नियमितीकरण प्रस्तावित है।
तृतीय श्रेणी: 966 पदों पर नियमितीकरण।
चतुर्थ श्रेणी: 2,664 पदों पर नियमितीकरण।
10 वर्ष से कम सेवा: ऐसे कर्मचारियों के स्थाईकरण की प्रक्रिया होगी।
नियमों का प्रारूप: चार सदस्यीय समिति 15 दिनों में रिपोर्ट देगी।